लखनऊ

बोले सीएम योगी – प्लास्टिक के कचरे का सड़क बनाने में हो इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश में अब राजमार्गों के निर्माण की तकनीकी आईआईटी के एक्सपर्ट सिखाएंगे।

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Dec 08, 2017

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब राजमार्गों के निर्माण की तकनीकी आईआईटी के एक्सपर्ट सिखाएंगे। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को बेहतर करने और लागत कम करने के मकसद से आने वाले दिनों में आईआईटी के एक्सपर्ट, विदेशी एक्सपर्ट और लोक निर्माण विभाग मिलकर काम करेंगे। सड़क निर्माण को लेकर नया रोडमैप तैयार करने के मकसद से उत्तर लखनऊ में दो दिवसीय सेमिनार की शुक्रवार को शुरुआत हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली से मेरठ के बीच 14 लेन सड़क का उद्घाटन बहुत जल्द होने जा रहा है।

लागत कम करना और गुणवत्ता बढ़ाना है चुनौती

दरअसल सड़क निर्माण के क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्ता को बेहतर करना और लागत मूल्य कम करना है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में सरकारी विभाग के अधिकारी नई तकनीकी अपनाने से डरते हैं। दूसरी ओर आईआईटी में बहुत सारे शोध हुए हैं जो सड़क निर्माण में लागत बचाने की तकनीकी बताते हैं लेकिन उनकी सलाह पर काम नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि अब नई पहल करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय में एक कमिटी का गठन किया है जिसमें आईआईटी के प्रोफेसर्स को शामिल किया गया है। किसी भी तरह के सड़क निर्माण की हर उस नई तकनीकी और प्रयोग को सहमति दी जाती है जिसमें बेहतर गुणवत्ता और लागत को कम करने की योजना हो।

यूपी में नई कमिटी गठन की सलाह

केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सलाह दी कि वे प्रदेश में इसी तरह की पहल करें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भी वे कोई नया आइडिया अपने विभाग के अफसरों के सामने रखते थे तो वे कहते थे कि यह संभव नहीं है। दरअसल सरकारी अफसर नए तरीके के प्रयोग करने में डरते हैं। देश भर के सभी आईआईटी के प्रोफेसर्स ने कई शोध किये हैं जिनका फायदा उठाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में ऐसी कमिटी बनाई जा सकती है जिससे नए तरीकों को अपनाने के सुझाव मिले और इस तरह के निर्णयों को लेने में कठिनाई न आये। एक बार किसी प्रयोग के सफल हो जाने पर हमेशा के लिए उस टेक्निक को अपनाकर बचत की जा सकती है।

देश भर के पीडब्लूडी मंत्री और विदेशी एक्सपर्ट हुए शामिल

सेमिनार में झारखण्ड, राजस्थान, मध्य प्रदेश , गोवा, सिक्किम, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों के लोक निर्माण मंत्री और विभागीय अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश भर के सभी आईआईटी के प्रोफेसर, सीआरआरआई के एक्सपर्ट व प्रदेश के लोकनिर्माण विभाग के अफसर मौजूद रहे। सेमिनार में यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, जर्मनी सहित कई देशों एक एक्सपर्ट भी हिस्सा ले रहे हैं। यूपी सरकार के लोकनिर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव सदाकांत, विशेष सचिव राजशेखर, प्रमुख अभियंता विजय कुमार सिंह सहित लोकनिर्माण विभाग के बहुत सारे अफसर मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, बृजेश पाठक, जय प्रताप सिंह व कई अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। प्रदेश के उप मुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दो दिनों में देश भर के एक्सपर्ट विभिन्न तकनीकी पर चर्चा करेंगे और चर्चा के निष्कर्षों व सुझाव को प्रदेश सरकार को सौपेंगे।

ब्रिज कार्पोरेशन को 2 हज़ार करोड़ का काम

केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम को 2 हज़ार करोड़ रूपये के काम दिए जाने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि नई दिल्ली से लखनऊ के बीच बहुत जल्द एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से मेरठ के बीच का 4 घंटे का सफर नए 14 लेन के एक्सप्रेस वे के तैयार हो जाने के बाद 40 मिनट में तय होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवहन के नए साधनों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने मेट्रो की तर्ज पर हवाई बस चलाने का प्रोजेक्ट तैयार करने को यूपी सरकार की सलाह दी। साथ ही कहा कि वाराणसी से पटना गंगा पर चल रहा शिप निर्माण का प्रोजेक्ट भी जल्द पूरा हो जाएगा।

गड्ढे भरने के वर्ल्ड रिकार्ड का दावा

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने कहा कि जब प्रदेश में उनकी सरकार बनी तब एक लाख इक्कीस हज़ार किमी सड़क गड्ढे के रूप में मिली थी। इनमें से 84 हज़ार किमी की सड़कों की मरम्मत कर प्रदेश सरकार ने विश्व रिकार्ड बनाया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तायुक्त सड़कों का समयसीमा में निर्माण करना एक बड़ी चुनौती है। कई जगहों पर सड़क आज बनती है तो कल उखड़ने लगती है। हर शहर में गंदगी का ढेर है। गंदगी प्लास्टिक के कारण होती है। इस प्लास्टिक का उपयोग भी सड़क निर्माण में किया जा सकता है।

Updated on:
08 Dec 2017 05:25 pm
Published on:
08 Dec 2017 05:20 pm
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