
नई दिल्ली। 20 जुलाई को ही संसद का मानसून सत्र भी शुरू हुआ है, इसीलिए CJP ने उसी दिन 'संसद चलो' मार्च की तारीख चुनी। सोमवार को राजधानी दिल्ली में हजारों छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन तक प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
दिनभर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, बैरिकेडिंग और नारेबाजी का दौर चलता रहा। इस बीच कई ऐसे दृश्य कैमरों में कैद हुए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे युवक की रही, जो पुलिसकर्मियों के सामने खड़े होकर लगातार चिल्लाता नजर आया, "मारो… मुझे मारो… और मारो…"। वायरल वीडियो में युवक पुलिस की कार्रवाई के बीच भी पीछे हटने से इनकार करता दिखाई देता है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे आंदोलन के साहस का प्रतीक बताया, तो कुछ ने इसे भावनात्मक प्रतिरोध की मिसाल कहा। कई यूजर्स ने इस दृश्य की तुलना इतिहास के उन प्रतीकात्मक विरोधों से भी की, जहां अकेले व्यक्ति ने सत्ता के सामने डटकर विरोध दर्ज कराया था।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच एक शख्स महात्मा गांधी के वेश में नजर आया। उसके एक हाथ में लाठी थी, जबकि दूसरे हाथ में भारतीय संविधान की प्रति थी। सबसे ज्यादा ध्यान उसकी आंखों से बहते खून जैसे लाल रंग के आंसुओं ने खींचा।
यह प्रस्तुति प्रदर्शनकारियों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई। कई लोग उसके साथ तस्वीरें और वीडियो बनाते दिखाई दिए। प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने इसे लोकतंत्र, संविधान और जनता की आवाज से जुड़े सवालों का प्रतीकात्मक संदेश बताया।
प्रदर्शन के दौरान एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और आतिशी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के ऊपर से कूदते हुए नजर आए। बताया जा रहा है कि संसद की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने कई जगह रास्ता रोक दिया था, जिसके बाद नेताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की।
दिल्ली के सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों में शामिल राजीव चौक पर भी आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्टेशन के भीतर और बाहर बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी नजर आए। कई लोग हाथों में तख्तियां और झंडे लिए हुए थे, जबकि कई समूह नारेबाजी करते दिखाई दिए।
भीड़ बढ़ने के कारण यात्रियों को भी कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
'संसद चलो' आंदोलन विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों के समर्थन से आयोजित किया गया विरोध प्रदर्शन है। आंदोलनकारी संसद तक मार्च निकालकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना चाहते हैं। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की, जिसके कारण कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इस प्रदर्शन के कई वीडियो और तस्वीरें पूरे दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने रहे।