
Chhattisgarh Snake Bite: मानसून के दौरान जिले में सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जून-जुलाई में सर्पदंश के 50 मामले सामने आए। इनमें जुलाई में 35 और जून में 15 मामले दर्ज हुए। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब तक अस्पताल पहुंचे मरीजों की स्थिति सुरक्षित बताई गई है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक जून में सर्पदंश के 15 मामले दर्ज हुए थे। जुलाई में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार बारिश के दौरान खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में एंटी स्नेक वेनम की 4,766 डोज उपलब्ध हैं। विभाग ने मानसून के दौरान इसकी उपलब्धता बनाए रखने की जानकारी दी है। जिला अस्पताल के डॉ. छत्रपाल के अनुसार सर्पदंश की घटना के बाद व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के बाद कुछ लोग घरेलू उपाय या झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। विभाग ने ऐसी स्थिति में समय गंवाने के बजाय स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचने की अपील की है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सामान्य स्थिति वाले मरीजों की करीब 24 घंटे तक निगरानी की जाती है, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार रायपुर रेफर किया जाता है।
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार कुत्ते के काटने से संबंधित मामलों के लिए 1,718 एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुत्ते के काटने की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्ति को चिकित्सकीय परामर्श के लिए स्वास्थ्य संस्थान पहुंचना चाहिए।
कैप्शन: जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जून-जुलाई में सर्पदंश के 50 मामले दर्ज हुए, जिनमें जुलाई के 35 मामले शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में एंटी स्नेक वेनम की 4,766 डोज उपलब्ध हैं।