छत्तीसगढ़ के निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है।
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हिमशिखर गुप्ता ने सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों की बैठक लेकर चुनाव आयोग द्वारा जारी आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
कलक्टर ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 लागू कर दी है। चुनाव संपन्न होते तक यह धारा जिले में प्रभावशील रहेगी। शस्त्रधारियों को अपना अस्त्र-शस्त्र संबंधित थाने में जमा कराने कहा गया है। उन्होंने कोलाहल अधिनियम भी लागू करते हुए इसके उपयोग के लिए लिखित अनुमति जरूरी है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों में विधानसभा आम निर्वाचन 2018 की तिथि की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य में दो चरणों में मतदान होगा। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण के अंतर्गत जिले के चारों विधानसभाओं में 26 अक्टूबर 2018 को नॉमिनेशन का कार्य होगा। अभ्यर्थी नामांकन की अंतिम तिथि 2 नवंबर 2018 है।
कलक्टर ने संपत्ति विरूपण अधिनियम का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि सरकारी सम्पतियों पर बैनर, पोस्टर, नारे लेखन, होर्डिग्स के द्वारा विरूपण नहीं किया जा सकता। तहसील स्तर पर गठित निगरानी दल इस पर नजर रखेगी। दण्ड प्रक्रिया संहिता की 144 लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं चलेगा। बगैर अनुमति के कोई भी राजनीतिक दल सभा अथवा जुलूस नहीं निकालेगा और न ही कोई धरना देगा। कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत सवेरे 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति एवं सार्वजनिक स्थल में सभा आयोजित करने की अनुमति तथा हेलीपेड की अनुमति सक्षम अधिकारी संबंधित एसडीएम देंगे।