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Committed Suicide: शिशुपाल पर्वत पर प्रेमी जोड़े ने एक हजार फीट से कूदकर दी जान, फैल गई सनसनी

Committed Suicide: पर्यटक झरनों और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने पहुंचते हैं। वन विभाग द्वारा प्रति व्यक्ति 20 रुपए प्रवेश शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां सुरक्षा के पर्याप्त

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Committed Suicide: शिशुपाल पर्वत पर प्रेमी जोड़े ने एक हजार फीट से कूदकर दी जान, फैल गई सनसनी

शिशुपाल पर्वत (Photo AI)

Committed Suicide: सरायपाली जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के पर्यटन स्थल शिशुपाल पर्वत पर रविवार को एक युवक और एक नाबालिग युवती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों ने करीब एक हजार फीट ऊंचाई से कूदकर आत्महत्या की। पुलिस के अनुसार, मृतक सांकरा थाना क्षेत्र के है। मृतकों में डिगेश्वर साव है और एक नाबालिग लडक़ी है।

बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शिशुपाल पर्वत अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचाई और मनमोहक दृश्यों के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

यहां हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक झरनों और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने पहुंचते हैं। वन विभाग द्वारा प्रति व्यक्ति 20 रुपए प्रवेश शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां सुरक्षा के पर्याप्त और प्रभावी इंतजाम नहीं हैं। हर बार किसी बड़ी घटना के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं दिखता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्वत के कई खतरनाक हिस्सों में न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।

कई स्थानों पर गहरी खाई, ढलान और फिसलन भरे पत्थर मौजूद हैं, जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा गार्डों की स्थायी तैनाती नहीं है। ऐसे में पर्यटक अनजाने में जोखिम भरे स्थानों तक पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाए।

साथ ही, निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाने चाहिए। शिशुपाल पर्वत की खूबसूरती जितनी आकर्षक है, उतना ही बड़ा खतरा भी यहां मौजूद है। ऐसे में पर्यटकों को भी जिम्मेदारी दिखानी होगी और खतरनाक स्थानों से दूरी बनाए रखनी होगी। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस पर्यटन स्थल को हादसों और आत्महत्याओं का केंद्र बनने से रोकने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाने होंगे।