महोबा

हज के लिए रवाना हुए 25 लोग, भाईचारे और देश में अमन के लिए करेंगे दुआ

परिजनों ने फूलमाला पहनाकर विदा किया।  
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Jul 23, 2018
25 people took off for Haj
हज के लिए रवाना हुए 25 लोग, भाईचारे और देश में अमन के लिए करेंगे दुआ

महोबा. हज की शुरुआत होते ही अब हज करने वालों का जत्था रवाना होने लगा है। महोबा जनपद से भी 25 लोग हज करने के लिए सोमवार को रवाना हुए। हज करने जा रहे लोगों को उनके परिवारजनों और नागरिकों ने ख़ुशी ख़ुशी विदा किया। सभी को फूल माला पहनाकर विदा किया गया। हज जियारत में जा रहे मुसलमानों ने देश में अमन की दुआ करने की बात कहीं।

जिसे हज कहा जाता है
इस्लाम धर्म को मानने वाला मुसलमान एक बार अपनी जि़ंदगी में जरूर मक्का और मदीना की जियारत करने के लिए अरब देश जाता है, जिसे हज कहा जाता है। हज करना हर मुस्लमान पर फर्ज है।

फूल माला पहना कर रवाना किया
ऐसे में इस वर्ष भी महोबा जनपद से 25 लोग सोमवार को हज के लिए रवाना हुए। शहर मुख्यालय में हज करने जा रहे सभी जायरीनों का इस्तकबाल किया गया और उन्हें फूल माला पहना कर हज के लिए रवाना किया गया।

हाजियों से मिलने वालों का ताँता लगा रहा
हज के लिए जा रहे सभी मुसलमानों को धूमधाम के साथ विदा किया गया। नात और कलाम पढ़ते हुए लोग इन्हें विदा करते नजर आये। रवानगी से पहले हाजियों से मिलने वालों का ताँता लगा रहा।

जो इस्लाम में बहुत महत्वपूर्ण है
हज रवानगी से पहले सभी ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से मुलाकात की। हाजियों का काफिला शहर में गुजरा तो लोग मिलते देखें गए। हज के लिए जा रहे लोगों ने बताया कि ये उनकी जि़ंदगी का सबसे खुशनुमा पल है और आखिरकार हज के लिए जा रहे हैं जो इस्लाम में बहुत महत्वपूर्ण है।

खुशी का ठिकाना ना रहा
उन्होंने बताया कि मक्का और मदीना पहुंचकर वो आपसी भाईचारे और देश में अमन की दुआ भी करेंगे? वह हज पर जाने वाले लोगों के परिजनों का भी खुशी का ठिकाना ना रहा। कई परिजनों ने बताया कि यह यात्रा इस्लाम में काफी महत्पूर्ण मानी जाती है। जीवन में एक बार हज यात्रा हर मुसलमान को करना चाहिए।

Published on:
23 Jul 2018 09:34 pm