
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
महोबा. जिले में क्रशर कारोबारी की मौत के बाद से मामले में फरार चल रहे आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके निर्देश डीजीपी हितेश अवस्थी ने अपने अधिकारियों को दिए हैं। इस मामले में एसआईटी गठित की गई थी जिसने पाटीदार को अपनी बात रखने का मौका दिया था, लेकिन वह न तो हाजिर हुआ और न ही सरेंडर किया। इसी बीच कई बार कोरोना संक्रमण तो कई बार घर के कुछ काम का बहाना बनाकर जांच एजेंसी के सामने पेश होने से हमेशा बच रहे हैं। इसी बीच उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी तीन याचिका डालकर राहत लेने का प्रयास किया। अब पाटीदार के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया है और सारी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सकती है।
मणिलाल पाटीदार की संपत्ति गुजरात के अहमदाबाद में होने की वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 2020 में गृह विभाग को अचल संपत्ति का ब्योरा दिया गया था जिसमें पता चला था कि मणिलाल पाटीदार की अहमदाबाद में अचल संपत्ति पर चाय की दुकान खुली हुई है। इससे होने वाली कमाई का आधा हिस्सा पाटीदार को मिलता है। अब अगर नोटिस देने के बाद भी वह हाजिर नहीं होते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी। इसके लिए महोबा के जिला जज को अहमदाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश देने होंगे।
बीते सितंबर खनन व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी ने महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे और साथ ही जान का खतरा भी बताया था। इसके दो दिन बाद ही अचानक इंद्रकांत को गोली लगी और पांच दिन बाद उसकी मौत हो गई। एसआईटी ने जांच की तो पाया गया कि मामले में आईपीएस मणिलाल पाटीदार का हाथ है। इसके बाद से ही वह लंबे समय से फरार चल रहे है और न ही अब तक सरेंडर किया है।