महोबा

शहर में मांगी गई अमन चैन और भाई चारे की दुआ, बताया अलविदा की नमाज का महत्व

काजी मौलाना शकील अहमद रजवी ने रमजान माह और अलविदा की नमाज का लोगों को महत्व बताया है।

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Jun 15, 2018
अमन व शांति की कामना के साथ कहा- ईद मुबारक

महोबा. जनपद में रोजेदारों ने रमजान माह के आखरी जुमा पर अकीदतमंदों पर अलविदा की नमाज अदा की है। इसके साथ ही देश के लिए अमन चैन व भाई चारा कायम रखने की दुआ भी मांगी। वहीं नमाजियों की सुरक्षा के लिए नमाज पढ़ी जाने वाली सभी मस्जिदों व चौराहों पर पुलिस भी सतर्कता से तैनात रही। जिससे किसी प्रकार का कोई अशांति का माहौल पैदा न हो सके है।

अलविदा की नमाज का लोगों को महत्व बताया गया

जनपद के चरखारी के शहर काजी मौलाना शकील अहमद रजवी ने रमजान माह और अलविदा की नमाज का लोगों को महत्व बताया है कि इस माह अल्लाह लोगों के लिए अपनी रहमत के या नेकी के सारे दरवाजे खोल देता है और दोजख के दरवाजे बंद कर देता है। इस रमजान माह के विशेष रूप से तीन प्रकार के महत्व होते हैं। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत, तीसरा जहन्नम से आजादी का हैं।

इन मस्जिदों में इन लोगों ने की नमाज अदा

कस्बा चरखारी में अलविदा जुमा की नमाज जामा मस्जिद में पेश इमाम हाफिज शरफुउद्दीन, भाजाजू की मस्जिद में शहर काजी मौलाना, शकील अहमद रजवी, घड़ी मस्जिद में हाफिज दिलशाद, कजियाना की मस्जिद में हाफिज आबिद हुसैन, अमरगंज की मस्जिद में हाफिज अनीश खान, अमरगंज की दूसरी वाली मस्जिद में पेश इमाम शमीम खान ने नमाज अदाकर अपने देश के लिए अमन चैन की दुआ मांगी है।

नमाज पढ़कर की दुआ

शिया समुदाय ने अलविदा की नमाज कर्बला वाली मस्जिद में मौलाना जफर अब्बास ने नमाज अदा कराई। मौके पर एसडीएम जंग बहादुर यादव व कोतवाल रीता सिंह ने मस्जिद की सुरक्षा, सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और इसके साथ ही लोगों को सदभावना का भी संदेश दिया। खरेला में पहरेथा की दरगाह में हाफिज अल्लारखा ने अलविदा की नमाज पढ़कर दुआ की है कि हमारे देश में हमेशा शांति बनी रहे।

Published on:
15 Jun 2018 09:50 pm
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