गुड्डू खान अमर मणि त्रिपाठी के खास हैं और उन्ही की बदौलत वे चुनाव जीतते रहे है।
यशोदा श्रीवास्तव
महाराजगंज. निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही पार्टी के जिले से लेकर लखनऊ तक के कार्यालयों पर उम्मीदवारों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इस बार चूंकि सभी राजनीतिक दलों ने अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, इसलिए पार्टी से चुनाव लड़ने वालों की लाइन लंबी है। भाजपा सत्ता दल है इसलिए जाहिर है इस पार्टी से टिकट चाहने वालों की कतार लंबी है। लेकिन सपा और बसपा यहां तक कि कांगे्रस से भी एक निकाय क्षेत्र से पांच पांच लोग अध्यक्ष पद का ठोंक रहे हैं।
महाराजगंज जिले में दो नगरपालिका तथा पांच नगर पंचायत है। इसमें सोनौली नगर पंचायत का गठन पिछली सरकार में हुआ है और वहां पहली बार नगरपांचायत का चुनाव होगा। टिकट देने का पैमाना करीब करीब सभी दलों का एक ही है। स्थानीय विधायक, हारा प्रत्याशी या प्रभारी की सिफारिश वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। लेकिन यह शतप्रतिशत सही नही है। सभी दलों में 50 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार उपर से तय हो रहे है। ऐसा न हेता तो उम्मीदवारों को लखनउ प्रदेश कार्यालयों की परिक्रमा करते हुए नही देखा जाता।
महाराजंगज में नगर पंचायत और नगर पालिका के सभी सीटों पर भाजपा से उम्मीदवारी की लाइन बड़ी लंबी है लेकिन टिकट की जंग में दिलचस्प मुकाबला नेपाल सीमा पर स्थित नगर पालिका नौतनवां का है। करीब 26 हजार मतदाता संख्या वाले इस सीट से भाजपा अपने पक्ष के उम्मीदवार को टिकट दिलाने में एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है तो मुख्यमंत्री का बरदहस्त प्राप्त निर्दल विधायक अमन त्रिपाठी अपने समर्थक को टिकट दिलवाने में जोर लगा रहे है। चर्चा है कि नगरपालिका में अध्यक्ष पद का टिकट दिलवाने में यदि विधायक अमन मणि की चली तो इस सीट से एक मुस्लिम भाजपा का उम्मीदवार हो सकता है।
नौतनवां नगरपालिका से मुस्लिम महिला नायला खान निवर्तमान अध्यक्ष है। इसके पहले उनके पति गुड्डू खान नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके है। गुड्डू खान अमर मणि त्रिपाठी के खास हैं और उन्ही की बदौलत वे चुनाव जीतते रहे है। उनके जेल जाने के बाद गुड्डू खान ने भी पाला बदलकर सपा के दूसरे गुट का दामन थामा था लेकिन वे फिर अमर मणि के खेमे में वापस आ गए और उनके बेटे अमन मणि त्रिपाठी के साथ है। अमन मणि नौतनवां विधानसभा की सीट पर भाजपा के समीर त्रिपाठी को हरा कर भारी वोटो से निर्दल उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर वे योगी आदित्य नाथ के शरण में विराजमान है। योगी का अमन मणि पर कृपा बनी हुई है।
दो दिन पहले भाजपा विधायक और जिले के निकाय चुनाव प्रभारी रजनी कांत मणि त्रिपाठी का दौरा हुआ था। प्रर्यवेक्षक ने साफ कहा था पार्टी की प्राथमिकता चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार को मैदान उतारना है। जिलाध्यक्ष अरूण शुक्ल का कहना है कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी उसे चुनाव जितवाने के लिए संगठन जी जान से जुटेगा। अमनमणि त्रिपाठी चुनाव जीतेने के बाद भले ही निर्दलीय विधायक हैं लेकिन वे पूरी तरह भाजपा के हो गए। नौतनवां में उनका कार्यालय गेरूवा रंग में रंगा हुआ है। उनके बैनर और पोस्टरों पर बाकायदे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के कई शीर्ष नेता विराजमान रहते है। नगर पालिका क्षेत्र में विधानसभा प्रत्याशियों को प्राप्त वोटों को देखा जाय तो भाजपा उम्मीदवार को 4800 वोट हासिल हुए थे और अमन मणि को 5400 वोट मिले थे। पिछले चुनावों का रिकार्ड देखें तो अमर मणि त्रिपाठी का समर्थित उम्मीदवार ही अध्यक्ष पद पर जीतता आ रहा है। इस बार सवाल है कि यदि अमन मणि अपने समर्थक को टिकट नही दिलवा पाते हैं तो उनके समक्ष धर्म संकट पैदा होगा कि वे अपने समर्थक की मदद करें या भाजपा उम्मीदवार की? क्योंकि अमन मणि यदि गुड्डू खान को टिकट नही दिलवा पाए तो उनका निर्दल चुनाव लड़ना भी तय है।