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जज्बा: चाय-मसाले बेच कर बच्चों को कर रही हैं शिक्षित, दे रहीं संस्कार

पति के साथ घूम अलग-अलग स्वाद जान उन्हें सबको चखाया
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Updated: 17 Oct 2021, 11:28 PM IST
motivational story

Motivational Story: बेहतर समाज का निर्माण तभी हो सकता है, जब उसकी नींव मजबूत हो और यह नींव है बच्चे। बच्चों को जब अच्छे संस्कार और शिक्षा मिलेगी, तभी सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। देश के भविष्य निर्माण का ऐसा ही एक प्रयास कर रही हैं बरेली की अनुराधा खण्डेलवाल। 'अनु केन कुक' की संस्थापक अनुराधा पिछले आठ सालों से चाय और खास मसाले बेचकर वंचित बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रही हैं। वह कहती हैं कि उनके पति मर्चेंट नेवी में थे। पति के साथ 20 से भी ज्यादा देशों की सैर कर अलग-अलग व्यंजन चखे।

बेटी ने दी बेचने की सलाह
विदेशों की यात्रा के दौरान अनुराधा की कुकिंग में रुचि बढ़ी। फिर फेसबुक पेज शुरू किया, जिस पर कम समय में ही हजारों फॉलोअर्स हो गए। इसके बाद उन्होंने यात्रा के दौरान सीखे मसालों के मिश्रण को आगे बढ़ाने का प्रयोग किया। यहीं से उनकी एंटरप्रेन्योरशिप की शुरुआत हुई। बिजनेस से उन्हें जो पैसा मिलने लगा, उसका उपयोग पड़ोस में रहने वाले गरीब बच्चे की शिक्षा पर खर्च करने का फैसला किया। फिर बच्चे जुड़ते गए। अनुराधा ने भी बिजनेस को आगे बढ़ाने का फैसला किया। बेटी की सलाह से अलग-अलग मसाले की चाय बेचना शुरू किया। आज वह सालाना 15 लाख से ज्यादा कमाती हैं।

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