
राकेश बेदी, जमील जमाली के किरदार में (फोटो सोर्स: IMDb)
Jameel Jamali character controversy: फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर की 'धुरंधर' सीक्वल ने एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाया है। इस फ्रैंचाइजी की खास बात ये है कि इसमें बड़ी स्टार कास्ट के साथ ही असली जिंदगी की घटनाओं और किरदारों से प्रेरित कहानियां दिखाई गई हैं। इसी वजह से धुरंधर 2 फिल्म के हर किरदार दर्शकों के बीच खूब चर्चा में बना हुआ है।
'धुरंधर' के पहले पार्ट में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी नेता जमील जमाली का प्रभावशाली रोल निभाया था। रिलीज के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने जमील जमाली और पाकिस्तान की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) पार्टी के एक राजनेता नबील गबोल के बीच काफी एक जैसी समानताएं बताईं। बता दें, नबील गबोल पहले पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) से जुड़े थे, इसलिए इस तरह की तुलना स्वाभाविक भी है।
लेकिन ये तुलना यही नहीं रूकी, जब 'धुरंधर 2' रिलीज हुई, तो कहानी के क्लाइमेक्स ने सबके मुंह से ये शक स्पष्ट कर दिया कि जमील जमाली का रोल केवल नबील गबोल से प्रेरित नहीं था। फिल्म में खुलासा हुआ कि जमील जमाली असल में एक भारतीय इंटेलिजेंस एजेंट है। इसके बाद इंटरनेट पर यूजर्स ने जमील जमाली की तुलना पाकिस्तानी राजनेता अल्ताफ हुसैन से करनी शुरू कर दी, जो MQM के संस्थापक हैं और यूनाइटेड किंगडम में निर्वासन के तौर पर अपनी जिंदगी जी रहे हैं।
आदित्य राज कौल जिन्होंने 'धुरंधर' फिल्म के रिसर्च कंसल्टेंट के तौर पर काम किया था, उन्होंने भी जमील जमाली और अल्ताफ हुसैन के बीच कई समानताएं बताई। उदाहरण के तौर पर, फिल्म में यालिना जमाली (सारा अर्जुन) ने बताया था कि उनके पिता जमील जमाली ने तब शादी की थी जब उनकी माता की उम्र उनके पिता की उम्र के आधा थी और रियल में भी, अल्ताफ हुसैन ने जब 48 साल की उम्र में शादी की, तो उनकी पत्नी केवल 20 साल की थीं। उनके भी बेटी है जिसकी उम्र 20 साल के आस-पास है, जो यालिना की कहानी से मेल खाती है।
इतना ही नहीं, अल्ताफ हुसैन के कुछ वीडियो भी मौजूद हैं, जिसमें वो लंदन में भारत का देशभक्ति गीत 'सारे जहां से अच्छा' गाते दिखते हैं। इससे ये पता चलता है कि वो अपनी पार्टी MQM के साथ राजनीतिक प्रभाव छोड़ते हुए कभी-कभी भावुक पलों में भारतीय संस्कृति की समीक्षा भी करते हैं। साथ ही तथ्य ये भी है कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि साल 2003 में RAW ने पूरे भारत में अल्ताफ हुसैन के पोस्टर लगवाए थे ताकि कराची की राजनीति पर असर डाला जा सके।
इस पर यूजर्स का मानना है कि जमील जमाली का किरदार अल्ताफ हुसैन पर बेस्ड है, क्योंकि MQM ने दशकों तक कराची की राजनीति पर गहरा प्रभुत्व कायम रखा है। तो यही वजह है कि धुरंधर फ्रैंचाइजी की ये कहानी केवल फिक्शन नहीं, बल्कि पुरातन और वर्तमान राजनीतिक असलियतों का सार भी है। दरअसल, धुरंधर फ्रैंचाइजी की ये खासियत ही इसे बाकी फिल्मों से अलग और दिलचस्प बनाती है, जो बड़े पर्दे पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को बड़ी गंभीरता से पेश करती है।
Updated on:
31 Mar 2026 07:15 am
Published on:
31 Mar 2026 07:15 am
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