आज देशभर में स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाया जा रहा है जिससे उनकी पढ़ाई में रुकावट नहीं आई है। साथ ही स्टूडेंट्स से बातचीत और काउंसलिंग पर भी ज्यादा समय दिया जा रहा है।
कोविड-19 की वजह से पैदा हुए वर्तमान हालात में शिक्षा का रूप पूरी तरह से बदल गया है। लॉकडाउन की वजह से बंद हुए शिक्षण संस्थान अभी तक खुल नहीं पाए हैं और ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई जारी है। मौजूदा हालात में सिखाने के तरीकों के साथ ही प्राथमिकताओं में भी बदलाव आया है। अब स्टूडेंट्स को मानसिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
शेड्यूल तय करें
इस समय में बच्चों के रात को देर तक जागने और सुबह देर तक सोने की समस्या बढ़ गई है। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों के लिए एक शेड्यूल बनाएं और उसका पूरी तरह से पालन करें। इससे वह अनुशासन में रहेंगे और स्थिति सामान्य होने पर उन्हें परेशानी नहीं होगी।
टेक्नोलॉजी निभा रही अहम भूमिका
कोरोना वायरस से पैदा हुए मुश्किल हालात में टेक्नोलॉजी ने शिक्षा के क्षेत्र मे अहम भूमिका निभाई है। आज देशभर में स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाया जा रहा है जिससे उनकी पढ़ाई में रुकावट नहीं आई है। साथ ही स्टूडेंट्स से बातचीत और काउंसलिंग पर भी ज्यादा समय दिया जा रहा है।
अभिभावकों को देना होगा साथ
आज सभी अभिभावकों को यह समझने की जरूरत है कि उनकी ही तरह बच्चों के लिए भी यह माहौल नया है। स्कूल में वे दोस्तों के साथ समय बिताकर अपना तनाव कम करते थे लेकिन अब वे दोस्तों से दूर हैं। ऐसे में अभिभावकों को ही बच्चों का दोस्त बनना होगा। उन्हें एक दोस्त की तरह अपने बच्चों की समस्याएं समझनी होंगी और उन्हें सुलझाना होगा।