अपने स्कूल के 680 से ज्यादा बच्चों में किताबें पढऩे की आदत डालने के लिए प्रिंसिपल ने फेसबुक पर कहानियां पढऩा शुरू किया था।
इंटरनेट के इस दौर में किताबें पढऩे और बच्चों को सोने से पहले कहानियां पढकऱ सुनाने का दौर गुजरे जमाने की बात हो गई है। एकल परिवारों की दुनिया में दादी-नानी की कहानियां भी अब बच्चों के कानों को मयस्सर नहीं। किताबों से बच्चों की इस बढ़ती दूरी को कम करने के लिए पूर्वोत्तर टेक्सास के होमर ड्राइव एलीमेंट्री स्कूल की प्राचार्य 42 साल की बेलिंडा जॉर्ज ने अनोखा तरीका निकाला है। वे हर मंगलवार की शाम को मोबाइल पर फेसबुक लाइव के जरिए अपने छात्रों को कहानियां सुनाती हैं।
बच्चों में किताबों के प्रति बढऩे लगी रुचि
मंगलवार शाम 7.30 बजे वे फेसबुक लाइव पर कहानियां पढकऱ सुनाती हैं। उनके फेसबुक पेज पर जाकर कोई भी उन्हें सुन सकता है। बेलिंडा इसे ‘टक्ड-इन-ट्यूसडेज’ कहती हैं। वे बच्चों को हर पात्र के अनुसार आवाज निकालकर कहानी सुनाती हैं। बच्चों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ी है और वे लाइब्रेरी में पढऩे भी लगे हैं।
सोशल मीडिया स्टार बन गईं
बेलिंडा अब सोशल मीडिया स्टार बन गई हैं। पूरे अमरीका में लोग अपने बच्चों के साथ उनकी कहानियों का आनंद लेते हैं। उनके पांचवी कक्षा तक के 94 फीसदी छात्र आर्थिक रूप से वंचित वर्ग से हैं। परीक्षा परिणामों से पता चला कि 55 प्रतिशत बच्चे पढऩे-लिखने में परेशानी अनुभव कर रहे थे। इसलिए बच्चों को पढऩा सिखाने के लिए उन्होंने यह तरीका अपनाया। इससे छात्रों की साक्षरता दर बढ़ी है। वे बच्चों के घर जाकर भी उन्हें पढ़ाती हैं।