चुनाव आते ही विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अब सियासत की मुख्य धारा में उतरने को तैयार हैं।
चुनाव आते ही विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अब सियासत की मुख्य धारा में उतरने को तैयार हैं। प्रशांत किशोर और अमित मालवीय जैसे पहले से सक्रिय लोगों के साथ ही अब प्रवीण चक्रवर्ती, शाश्वत गौतम, गौरव वल्ïलभ और देवाशीष जरारिया समेत ऐसे कई बड़े नाम हैं, जो सीधे किसी पार्टी से जुड़ गए हैं। छोटी-बड़ी पार्टियां अपने सोशल मीडिया विभाग को मजबूत करने के लिए पहले इन युवाओं की मदद लेती रही है, लेकिन अब इनमें से कई चुनाव लडऩे और पूर्णकालिक राजनीति करने की तैयारी भी कर रहे हैं।
पहले अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में थे
सो शल मीडिया में चुनावी प्रचार की अहमियत सबसे पहले समझाने वाले प्रशांत किशोर ने पेशेवर के तौर पर अपनी एजेंसी के माध्यम से भाजपा, जद-यू, कांग्रेस और सपा के लिए प्रचार अभियान में मदद करने के बाद अब नीतिश कुमार की पार्टी में ही शामिल हो गए हैं। उधर, बिहार में प्रशांत किशोर से मुकाबले के लिए कांग्रेस ने नीतीश कुमार के मीडिया सलाहकार रहे शाश्वत गौतम को चुना है। शाश्वत अमरीका में मल्टीनेशनल कंपनी में शीर्ष पद पर रह चुके हैं। उन्हें कांग्रेस के डाटा एनालिटिक्स विभाग का राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया है। कांग्रेस के डाटा एनालिटिक्स विभाग के ही अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती वरिष्ठ अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय शोध एजेंसी आइडीएफसी के सीनियर फैलो रह चुके हैं। रफाल सौदे पर हर रोज नए आंकड़े और खुलासों के पीछे चक्रवर्ती ही हैं।
वित्त के जानकार वल्लभ दे रहे सलाह
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनेलिस्ट गौरव वल्लभ भी पेशेवर के तौर पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में काम कर चुके हैं। अभी वह मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर कांग्रेस को सलाह देते हंै। कैसे मीडिया में सक्रिय रहे देवाशीष जरारिया पिछले दिनों मध्य प्रदेश में कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
यह हैं आइटी के महारथी
भाजपा के आइटी सेल प्रभारी अमित मालवीय आगरा के हैंं। पहले वह एचएसबीसी बैंक में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट थे। अभिनेत्री रहीं कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम प्रभारी दिव्या स्पंदना कांग्रेस की प्रमुख नेताओं में गिनी जाती हैं।
धीरज कुमार