
इकोनॉमिक स्लोडाउन के कारण नौकरियां जाने की कंडीशन को देखते हुए सर्विस क्लास का रूझान सेल्फ एम्प्लॉयमेंट की तरफ हो रहा है। बेरोजगारी के हालात को देखते हुए लोगों ने सोशल मीडिया पर बिजनेस आइडियाज स्टडी करना शुरू कर दिया है। इसके लिए वह ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी और हेल्थ सेक्टर पर फोकस कर रहे हैं।
घर के रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए स्किल बेस्ड सर्विस क्लास एम्प्लॉयज अपने हुनर के अकॉर्डिंग छोटे स्तर पर बिजनेस शुरू कर रहे हैं। इसके लिए वह घर के मेम्बर्स की हेल्प भी ले रहे हैं।
कई सेक्टर में हैं अपॉर्च्यूनिटी
इंवेस्टमेंट एडवाइजर रचित खंडेलवाल बताते हैं कि जॉबलेस होने पर यूथ अब ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी), ई-कॉमर्स, पर्सनल हेल्थ एंड सैनेटाइजेशन सेक्टर की ओर मूव कर रहे हैं। लोगों को समझ में आ गया है, जब तक लाइफ है तब तक एग्रीकल्चर बहुत ही अच्छा बिजनेस है। इससे मार्केट, ट्रांसपोर्टेशन जैसे सेक्टर भी जुड़े हुए हैं। ई-कॉमर्स में छोटी कंपनियां भी जुड़ने लगी हैं।
एंटरप्रेन्योर्स की हेल्प से हो सकती है ग्रोथ
डिजिटल प्रिंटिंग कंपनी के मालिक अंकित मेहता कहते है कि इकोनॉमिक स्लोडाउन के दौरान सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के प्रति रूझान बढ़ रहा है। ई-कॉमर्स, एलईडी बनाना यह सब काम इंवेस्टमेंट में इंडियन इकोनॉमी में अच्छी ग्रोथ कर सकते हैं। एंटरप्रेन्योर्स इकोनॉमिक ग्रोथ में हेल्प करेंगे। गवर्नमेंट एंटरप्रेन्योर्स को प्रमोट करने के लिए कई इनिशिएटिव ले रही हैं।
सैलेरी काटी जाने पर छोड़ी जॉब
निजी हॉस्पिटल में नौकरी करने वाले अंकित श्रीमाली ने जॉब में से 30 प्रतिशत सैलेरी काटे जाने पर नौकरी छोड़ दी। जयपुर वापस आकर बिजनेस आइडिया के लिए सोशल मीडिया पर सक्सेस स्टोरी सर्च करने लगे। अंत में हेल्थ सेक्टर में उन्होंने बेहद कम रुपए खर्च करने के बाद पार्टनरशिप में खुद का बिजनेस सेटअप कर लिया। अब अंकित दूसरे लोगों के लिए भी जॉब अपॉर्च्यूनिटी क्रिएट करना चाहते हैं।