इन दिनों लोग ना केवल चिकित्सकीय परामर्श ले रहे हैं अपितु ऐसे लोगों से भी संपर्क कर रहे हैं जो आध्यात्म या अन्य किसी क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखते हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग के बीच कुछ लोग आपसी विवाद के चलते मानसिक तनाव भी झेल रहे हैं। विभिन्न देशों में अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि लॉकडाउन में पारिवारिक कलह या विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं। इंटरनेट सर्च में भी ऐसे कंटेंट को अधिक खोजा जा रहा है जो कि पारिवारिक विवाद को हल करने के संबंध में हो।
ये हैं विवाद के कुछ संकेत
कुछ परिवारों के बीच चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ रहा है। बंद के दौरान अगर आपको बात-बात पर गुस्सा आता है। किसी खास सदस्य से झगड़ा हो रहा है, बच्चों को माता-पिता की हर बात बुरी लगती है। बच्चों में चिड़चिड़ापन बढऩे लगा है। पति-पत्नी के बीच आपसी मनमुटाव हो रहा है, एक दूसरे की कमियां निकालना, दिमाग में अच्छी बातें ना आना, एक दूसरे के नुकसान के बारे में सोचना, बेइज्जती करना, झूठ बोलना, चुगली करना, गलती होने पर भी माफी ना मांगना जैसे कुछ संकेत हैं।
समस्या का समाधान है जरूरी
इन दिनों लोग ना केवल चिकित्सकीय परामर्श ले रहे हैं अपितु ऐसे लोगों से भी संपर्क कर रहे हैं जो आध्यात्म या अन्य किसी क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखते हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि कई चीजें जिनसे आप इत्तेफाक नहीं रखते या उन पर सहमति नहीं बन पाती और एक व्यक्ति के साथ लंबा समय बिताने पर भी मतभेद होना स्वभाविक होता है। ऐसे मतभेदों को नजरदांज ना करें और किसी ना किसी प्रकार से इन्हें दूर करने का प्रयास करें।