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किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए खुद पर भरोसा होना जरूरी है : आमिर खान

मुझे यह लगता है कि आत्मा से जो पुकार उठती है वही सच्ची होती है। मैंने इस बात को कई बार महसूस किया है। मैंने हमेशा वही किया जो अंदर से आवाज आई।
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Updated: 15 Nov 2018, 12:39 PM IST
Aamir Khan
Aamir Khan

मुझे यह लगता है कि आत्मा से जो पुकार उठती है वही सच्ची होती है। मैंने इस बात को कई बार महसूस किया है। मैंने हमेशा वही किया जो अंदर से आवाज आई। मुझे इस बात का पछतावा भी नहीं कि कई बार मैंने इसका खमियाजा भी उठाया। लेकिन वह नुकसान वक्ती तौर के लिए था, उससे मुझे जो सीख मिली वह हमेशा के लिए थी। दिलो-दिमाग काम करे या नहीं, लेकिन अंतरात्मा की आवाज हमेशा काम करती है। वहीं से आपको आगे के लिए राह मिलती है। आपको अपनी अंतरात्मा की आवाज को दबाना नहीं चाहिए।

हममें से कोई भी संपूर्ण नहीं है लेकिन सभी की यह कोशिश होती है कि हम बेतरतीब से दिखाई देने वाले जीवन को करीने से जीने की कोशिश करें। अपने तौर पर मैंने सीखा है कि अगर आप कोई काम कर ही रहे हैं तो तसल्ली के साथ यह सोचें कि इसे कैसे बेहतर तरीके से किया जा सकता है, इसमें कोई बुराई नहीं है बल्कि इससे आप अपने काम को और काम के दौरान मिल रहे अनुभवों को पुख्ता ही करते हैं। कोई बड़ी कामयाबी, वास्तव में छोटी-छोटी सफलताओं की एक शृंखला है।

किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए खुद पर भरोसा होना जरूरी है, वहीं से आपको आखिरी समय तक डटे रहने की हिमत मिलती है। अंतत: काम में आपको ही उतरना होता है और उसके परिणाम भी आपको ही भुगतने होते हैं। बाहर से दिलासा मिलता है, भीतर से हौसला। इसलिए अगर आपने कोई काम किया है तो उसके नतीजों के लिए उत्तरदायी बनना सबसे अच्छी बात है, यहीं से अच्छा काम करने की जिम्मेदारी और उत्साह पैदा होता है और आप दूसरों को दोष देना छोड़ देते हैं।आज ही तय करता है कल मुझे लगता है कि हम में से हर कोई एक बेहतर जीवन की कामना करता है, लेकिन हममे में से कितने हैं जो जीवन को अपना बेहतर देते भी हैं? हम अपने दिन कैसे बिता रहे हैं, यह सचमुच इस बात का परिचायक है कि हम अपनी जिंदगी कैसे बिता रहे हैं। ऐसे में अगर सुधार करना है तो रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव से शुरुआत कीजिए।

-अमित पुरोहित

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