
Assembly Election 2023 : विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार अभियान व वार्ड से लेकर बूथ स्तर की रणनीति पर काम शुरु कर दिया है। इसी कड़ी में जिले में पिछले साल हुए निकाय व पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा से बगावत कर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव (Assembly Election 2023) लडऩे या पार्टी विरोधी गतिविधियों से लेकर अनुशासनहीनता के मामलों में जिन्हें निलंबित किया था उन्हें फिर से प्रचार शुरु होने से पहले बहाल कर एंट्री देने का काम शुरु कर दिया है। जिले में भाजपा ने 100 से अधिक कार्यकर्ताओं व नेताओं को निलंबित किया था और पार्टी प्रदेश संगठन के निर्देश मिलने के बाद अभी 16 बगावतियों का निलंबन बहाल कर उन्हें फिर से पार्टी में एंट्री दी है। हालांकि अभी कई ऐसे नाम है जिनका निलंबन यथावत है लेकिन माना जा रहा है कि सप्ताहभर में बचे हुए सभी का निलंबन बहाल कर फिर से पार्टी के दरवाजे उनके लिए खोल दिए जाएंगे और पार्टी प्रचार अभियान से उन्हें फिर से जोड़ेगी। मंदसौर व सीतामऊ में इसकी शुरुआत हो चुकी है।
पूर्व नपाध्यक्ष सहित पार्षद का निलंबन भी हुआ बहाल
नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष व पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील जैन महाबली ने नपा चुनाव के दौरान वार्ड 11 से पूर्व नपाध्यक्ष राम कोटवानी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव (Assembly Election 2023) मैदान में उतरकर चुनाव लड़ा था। वहीं वार्ड 20 में दिव्या अनुप माहेश्वरी का पहले टिकिट आया और बाद में कटा। इससे खफा होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा। इस पर पार्टी ने निलंबित किया था। अब पूर्व नपाध्यक्ष जैन, पार्षद दिव्या व उनके पति अनूप माहेश्वरी का निलंबन बहाल किया है। हालांकि अभी भी वार्ड 9 से निर्दलीय चुनाव लडऩे वाले वीरेंद्र अग्रवाल सहित अन्य जो निलंबित हुए थे उनका निलंबन आवेदन नहीं देने के कारण पार्टी ने बहाल नहीं किया है।
अभी सिर्फ सीतामऊ व मंदसौर में निलंबन बहाल
भाजपा जिला संगठन ने विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2023) को देखते हुए निलंबित भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं के निलंबन को बहाल कर फिर से पार्टी में एंट्री देने की शुरुआत तो कर दी लेकिन अभी इसकी शुरुआत सिर्फ सीतामऊ व मंदसौर में ही हुई है। सीतामऊ में सबसे अधिक एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं का निलंबन बहाल हुआ है। वहीं मंदसौर में तीन ही कार्यकर्ताओं को बहाल कर पार्टी में फिर से लिया गया है। लेकिन जिला भाजपा की माने तो आने वाले एक सप्ताह में अधिकांश निलंबित भाजपाइयों का निलंबन बहाल कर शहरीय व ग्रामीण क्षेत्र में फिर से पार्टी में एंट्री देकर चुनाव अभियान से जोड़ा जाएगा।
100 का हुआ था निलंबन अभी 16 काे किया बहाल
निकाय व पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी से बगावत करने और शिकायतों के आधार पर पार्टी ने जिलेभर से करीब 100 लोगों को अनुशासन समिति की अनुशंसा पर प्रदेश संगठन ने निलंबन किया था। प्रदेश संगठन से ही अब निर्देश मिले है कि जिला कार्यालय पर आवेदन आने पर निलंबन बहाल किया जाएगा। अब तक 16 के निलंबन बहाल हुए है।
-नानालाल आटोलिया, जिलाध्यक्ष भाजपा