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दिवाली पर सजा 1500 करोड़ रुपए का कारोबार, जानिए क्या है गिफ्ट के लिए पहली पसंद

एक अनुमान के मुताबिक देश की राधानी क्षेत्र यानी दिल्ली एनसीआर में करीब 500 करोड़ रुपए का कारोबार होने की संभावना है। इसी अनुमान के मुताबिक पूरे देश में यह कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपए का होगा।

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दिवाली के लिए सज चुका है 1500 करोड़ रुपए का कारोबार, जानिए क्या है गिफ्ट के लिए पहली पसंद

नर्इ दिल्ली। दिवाली में कुछ ही दिन बचे हैं। दिवाली उन त्याहारों में से है जिनमे गिफ्ट के लेनदेन का बड़ा चलन है। इसी मौके का फायदा उठाने के लिए कर्इ काॅर्पोरेट कंपनियां भी तैयार हो चुकी है। एक हालिया अनुमान के मुताबिक देश की राधानी क्षेत्र यानी दिल्ली एनसीआर में करीब 500 करोड़ रुपए का कारोबार होने की संभावना है। इसी अनुमान के मुताबिक पूरे देश में यह कारोबार करीब 1500 करोड़ रुपए का होगा। इस बारे में जानकारी रखने वाले कर्इ विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिफ्ट कारोबार का एक बड़ा हिस्सा काॅर्पारेट आैर बिजनेस रिलेशन के लिए होगा। दरअसल बीते कुछ सालों में इसे इमेज बिल्डिंग व रिलेशन से जोड़कर देखा जाने लगा है। हालांकि बीते साल इस कारोबार में थोड़ी मंदी देखने को मिली थी।

गिफ्ट के लिए दूसरों के नाम पर बुक हो रही गाड़ियां

दरअसल, कार्पोरेट सेक्टर में वरिष्ठ अधिकारी बिजनेस को ध्यान में रखते हुए महंगे गिफ्ट की मदद से अपने रिश्तों को बेहतर करने की कोशिश करते हैं। कर्इ कंपनियों में तो लग्जरी गाड़ी व महिला सीर्इआे व अधिकारियों को ज्वेलरी सेट भी देने का चलन है। एक मोटर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गाड़ियों की बुकिंग तेजी से हो रही है। इन बुकिंग्स में अधिकतर लोग दूसरों के नाम से ही गाड़ी बुक कराते हैं। इनमें बाइक व स्कूटी से लेकर एसयूवी लग्जरी गाड़ी तक शामिल है।

इमेज बिल्डिंग कंपनियों के लिए बेहतर रिलेशन बनाने का मौका

बाजार पर नजर बनाए रखने वाले कर्इ फर्म्स के मुताबिक, अब हेल्थ इंश्योरेंस, फ्लैट व इन्वेस्टमेंट प्लान जैसे गिफ्ट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि यह अभी तक एक ही तबके तक ही सीमित है। हालांकि, अपर-मीडिल क्लास में भी इस तरह के रिवाज तेजी से बढ़ रहा है। आज के दौर में क्लाइंट सर्विसिंग आैर बिजनेस रिलेशन को बेहतर तरीके से हैंडल करने के लिए कंपनियां इन सबपर खासकर तौर पर ध्यान देने लगी हैं। इमेज बिल्डिंग भी इसी का हिस्सा है। अधिकांशतः इन्हें अब स्टैंडर्ड आैर स्टेटस के हिसाब से परखा जाता है।

Updated on:
05 Nov 2018 08:24 am
Published on:
04 Nov 2018 06:01 pm
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