Inflation and Industrial Production के आंकड़ों पर रहेगी Share Market की नजर बीते सप्ताह Share Market में देखने को मिली थी 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट
नई दिल्ली। लॉकडाउन बढऩे के कारण बीते सप्ताह शेयर बाजार ( Share Market ) 6 फीसदी से अधिक की गिरावट से निवेशकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। आने वाले सप्ताह में महंगाई के आंकड़े ( Inflation Data ) निवेशकों को परेशान कर सकते हैं। मौजूदा समय में लॉकडाउन है। देश के कई राज्यों ने डीजल पर वैट बढ़ाया है। डीजल की कीमतों में इजाफा होने से महंगाई के आंकड़ों में इजाफा का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं आजादपुर मंडी में कोरोना के आंकड़े बढऩे स दिल्ली और आसपास के इलाकों में सब्जियों के दाम में भी इजाफा हुआ है। इसका असर भी शेयर बाजार में देखने को मिल सकता है। जानकारों की मानें तो अगले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की दिशा कोविड-19 और महंगाई तथा औद्योगिक उत्पादन ( Industrial Production ) के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
जारी होंगे आंकड़े
कोरोना वायरस के मामले बढ़ते हैं तो बाजार पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले छह दिन में 20 हजार से अधिक बढ़कर 63 हजार के करीब पहुंच गई है। इसके साथ ही अप्रैल की खुदरा तथा थोक महंगाई के आंकड़े और मार्च का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक भी इसी सप्ताह जारी होना है। इन दोनों कारकों से बाजार में निवेश धारणा प्रभावित होगी। पिछले सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 2,074.92 अंक यानी 6.15 फीसदी लुढ़ककर 31,642.70 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 608.40 अंक यानी 6.17 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट के साथ सप्ताहांत पर 9,251.50 अंक पर रह गया।
बीते सप्ताह बाजार में देखने को मिली थी गिरावट
मझौली और छोटी कंपनियों पर दबाव कुछ कम रहा। बीएसई का मिडकैप 4.91 प्रतिशत टूटकर सप्ताहांत पर 11,423.81 अंक पर और स्मॉलकैप 4.17 फीसदी गिरकर 10,638.70 अंक पर आ गया। लॉकडाउन बढ़ाये जाने की घोषणा के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखी गयी। सेंसेक्स 2,002.27 अंक यानी 5.94 प्रतिशत लुढ़ककर 31,715.35 अंक पर और निफ्टी 566.40 अंक यानी 5.74 प्रतिशत टूटकर 9,293.50 अंक पर बंद हुआ। इसके बाद पूरे सप्ताह बाजार वापसी नहीं कर सका। मंगलवार और गुरुवार को भी बिकवाली हावी रही जबकि बुधवार और शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा।