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चार साल में सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, मंहगा हो सकता है पेट्रोल आैर डीजल

आम जनता पर मंहगाई की पड़ती मार कम होती तो नजर नहीं आ रही है। लेकिन इसके बढ़ने के संकेत जरूर मिल चुके है । पहले तो रुपए में गिरावट हुई फिर एफडीआइ में गिरावट दर्ज की गई और अब अंतर्राट्रीय बाजार में लगातार क्रूड आॅयल के दामों में होती बढ़ोत्तरी होने के कारण देश में पेट्रोल आैर डीजल की कीमतों में इजाफा होने का खतरा बढ़ता ही चला जा रहा है ।

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दोबारा बढ़ सकती है पेट्रोल आैर डीजल कीमतें, बन रहे हैं यह दो बड़े कारण

नर्इ दिल्ली। आम जनता पर मंहगाई की पड़ती मार कम होती तो नजर नहीं आ रही है। लेकिन इसके बढ़ने के संकेत जरूर मिल चुके है । पहले तो रुपए में गिरावट हुई फिर एफडीआइ में गिरावट दर्ज की गई और अब अंतर्राट्रीय बाजार में लगातार क्रूड आॅयल के दामों में होती बढ़ोत्तरी होने के कारण देश में पेट्रोल आैर डीजल की कीमतों में इजाफा होने का खतरा बढ़ता ही चला जा रहा है । विदेशी बाजार में क्रूड आॅयल का भाव करीब 43 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया है । विदेशी बाजार में बढ़ते दामों के कारण तेल कंपनियों पर विदेशों से कच्चा तेल खरीदने की लागत बढ़ गई है और वह इस लागत को ग्राहकों से वसूलने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं। हांलाकि पिछले एक हफ्ते से पेट्रोल आैर डीजल की कीमतों में कोर्इ खास बदलाव नहीं हुए हैं ।
क्रूड आॅयल की कीमतों में आ रहा है उछाल
ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध लगाने से ट्रेडर्स को मार्केट में क्रूडी आॅयल सप्लाई में कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस वजह से क्रूड ऑइल की कीमतों में 6 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 79 डॉलर पर पहुंच गई है। प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने हाल ही में रोजाना 10 लाख बैरल ज्यादा ऑयल सप्लाई करने का ऐलान किया था, लेकिन इतने से तेल की मांग पूरी नहीं हो पाएगी। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में बढ़ोतरी हो रही है। क्रूड आॅयल की मांग में अच्छा इजाफा, सऊदी अरब और रूस जैसे ऑइल प्रॉडक्शन वाले प्रमुख देशों की तरफ से सप्लाई पर बनावटी प्रतिबंध और वेनेजुएला के आउटपुट में गिरावट के चलते इस साल तेल के दाम में तेजी बनी हुई है।
रुपया पहुंचा निचले स्तर पर
वहीं दूसरी आेर रुपए में कमजोरी और ऑइल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था और कंज्यूमर्स को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 69 रुपए से नीचे आ गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। इसके चलते देश का इम्पोर्ट बिल बढ़ सकता है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 83 फीसदी क्रूड ऑइल इम्पोर्ट करता है।
कुछ एेसे रहे हैं पेट्रोल आैर डीजल के दाम
26 जून को दिल्ली में पेट्रोल 75.55 रुपए प्रति लीटर और डीजल 67.38 रुपए प्रति लीटर की कीमत पर मिल रहा था। वहीं, मुंबई में पेट्रोल का रेट 82.94 रुपए और डीजल का 71.49 रुपए प्रति लीटर था। सरकारी ऑइल कंपनियां कच्चे तेल के दाम के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करती हैं। इस पर करेंसी में उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ता है।

Updated on:
03 Jul 2018 12:03 pm
Published on:
02 Jul 2018 11:37 am
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