हिन्दू महासभा ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की 30वीं बरसी पर मथुरा की शाही मस्जिद ईदगाह के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया था।
मथुरा में मंगलवार को हिन्दू महासभा के 40 कार्यकर्ताओं को शाही ईदगाह मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करने की कोशिश में गिरफ्तार किया गया। संगठन के 8 अन्य नेताओं को भी शहर के विभिन्न थानों के तहत उनके घरों में नजरबंद किया गया था।
दरअसल अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की 30वीं बरसी पर शाही ईदगाह मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडे ने कहा, “संगठन का एक भी सदस्य उनके कार्यक्रम के अनुसार ईदगाह के पास नहीं पहुंच सका। एहतियात के तौर पर करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। औपचारिकता पूरी करने के बाद उन्हें निजी मुचलके पर रिहा किया जाएगा।"
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर मार्तंडेय सिंह ने कहा कि पुलिस ने हिन्दू महासभा के आगरा क्षेत्र प्रभारी सौरभ शर्मा को उस समय गिरफ्तार किया जब वो ईदगाह मस्जिद की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे।
हिन्दू महासभा अध्यक्ष राजश्री चौधरी की मौजूदगी पर सवाल
मार्तंडेय सिंह ने कहा कि महासभा की अध्यक्ष राजश्री चौधरी और कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा उन लोगों में से नहीं हैं जो अपने घरों में बंद हैं। पुलिस को दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
चौधरी ने दावा किया कि वह मंगलवार को मथुरा में थीं और जन्मभूमि परिसर के गेट नंबर 1 पर खड़ी उनकी एक तस्वीर महासभा ने शेयर की थी।
हालांकि मार्तंडेय सिंह ने दावे का खंडन करते हुए कहा, "यह एक पुरानी तस्वीर है जिसका इस्तेमाल झूठे दावे करने के लिए किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि मथुरा में स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दी गई है। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मथुरा शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा
मार्तंडेय सिंह ने कहा कि मंगलवार को ईदगाह में हनुमान चालीसा का पाठ करने की दक्षिणपंथी संगठन की घोषणा के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जिलाधिकारी पुलकित खरे ने सोमवार की रात श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। याद दिला दें कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को 'कारसेवकों' ने गिरा दिया गया था।
इससे पहले शैलेश पांडेय ने चेतावनी दी थी कि शहर में कानून-व्यवस्था को खराब नहीं होने दिया जाएगा और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने पिछले साल भी मस्जिद के अंदर प्रतिमा स्थापित करने का एलान किया था।हालांकि जिला प्रशासन ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया।