- वृंदावन कुम्भ में बढ़ने लगी रौनक - साधू-संत विश्व कल्याण के लिए साधना में लीन - 27 फ़रवरी को पहला कुम्भ का शाही स्नान - धूनी जमा साधना में दिखे साधू-संत
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क मथुरा. कान्हा की नगरी वृन्दावन में अर्ध कुंभ का आगाज हो चुका है। वैष्णव समाज के तीनों अखाड़े अपने सन्तो के साथ कुंभ में पंहुच गए है। संतों के द्वारा विश्व कल्याण की कामना की जा रही है। कुम्भ में पहुँचने बाले संत अलग-अलग तरीखे से भगवान की साधना में लीन नजर आ रहे है।
कुंभ में अलग अलग रंग देखने को मिल रहे है कुम्भ में कंही भजन चल रहे है तो कंही साधु संत धूप में धूनी लगाए प्रभु की भक्ति में लीन है। कुम्भ में आने वाले श्रद्धालु यमुना जी मे पूजा अर्चना के साथ स्नान भी कर रहे है। वृन्दावन में लगने वाले इस अर्ध कुंभ में पहला शाही स्नान 27 फरवरी को होगा जिसमें देश के सभी साधु संत हिसा लेंगे। 14 फरवरी को योगी आदित्य नाथ ने वैष्णव बैठक का शुभारंभ किया था। इस कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक की छटा देखते ही बनती है। यह साधु संत और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भाव से मां यमुना में स्नान कर रहे हैं। माना जाता है कि यहां आकर एक बार प्रदान करने से समस्त कष्टों को दूर किया जा सकता है तो वही यहां आने वाले साधु-संत और महात्माओं के दर्शन करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
विश्व कल्याण के लिए सन्तों द्वारा जप-तप के साथ ही कठोर साधना की जाती है। ऐसा ही उदाहरण इन दिनों धर्म नगरी वृंदावन में चल रहे कुम्भ पूर्व वैष्णव बैठक यानी कुम्भ मेला में देखा जा सकता है। जहां देश के कोने-कोने से आए विभिन्न अखाड़े,खालसा व संप्रदायों के सन्त भजन और साधना कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में अयोध्या से पधारे अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी खालसा के संतों द्वारा अपने चारों ओर आग प्रज्वलित कर धूनी रमाई जा रही है। तेज धूप में भी धूनी रमाकर तपस्या कर रहे ये हठ योगी संत सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस तपस्या और नियम के संबंध में संत राघवेंद्र दास ब्रह्मचारी ने जानकारी दी।
Report - Nirmal Rajpoot