मेरठ

दुकानदार पर थूकने और काटने के मामले की जांच में खुलासा, दो रुपये को लेकर हुआ था विवाद, पुलिस ने किए तीन गिरफ्तार

Highlights कंकरखेड़ा के गांव लखवाया का मामला ज्यादा कीमत लेने पर हुआ था विवाद दुकानदार समेत तीन को किया गिरफ्तार  
2 min read
• •
Updated: 6 Apr 2020, 3:39 PM IST
meerut

मेरठ। दुकानदार पर थूकने और काटने के मामले में नया बातें सामने आयी हैं। पुलिस ने जब इस मामले की जांच की तो दुकानदार द्वारा लगाए गए आरोप झूठे पाए गए। पुलिस ने इस संबंध में दो मुकदमे दर्ज करते हुए दुकानदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव लखवाया में यह विवाद केवल दो रुपये को लेकर हुआ था। इस पर दुकानदार ने मौलाना के खिलाफ थूकने और काटने का मामला दर्ज कराया था।

पुलिस के अनुसार गांव लखवाया में अरुण की परचून की दुकान है। शनिवार रात नईमुद्दीन बीड़ी का बंडल लेने दुकान पर गया। दस रुपये के बंडल के 12 रुपये लेने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इस पर अरुण पक्ष ने नईमुद्दीन की पिटाई कर दी। नईमुद्दीन ने थाने पर पिटाई की तहरीर दी। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद अरुण ने भी थाने पहुंचकर सूचना दी कि मौलाना नईमुद्दीन ने उसके ऊपर थूका और काट लिया। कोरोना जैसे माहौल में उसने नईमुद्दीन पर कई आरोप लगाए। कंकरखेड़ा पुलिस जांच के लिए गांव पहुंची। पता चला कि दुकानदार का नईमुद्दीन से केवल दो रुपये को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने पाया कि लॉकडाउन के बीच अरुण ने दुकान खोल रखी थी। वहां गांव का ही तरुण भी मौजूद था। पुलिस का कहना है कि दुकानदार ने स्वीकारा है कि नईमुद्दीन ने उसके ऊपर नहीं थूका, बल्कि अपने ऊपर हुए मारपीट के मुकदमे को खत्म करने के लिए उसने तरुण के कहने पर नईमुद्दीन पर ऐसे आरोप लगाए थे।

उसने यह भी स्वीकारा कि तरुण ने ही सिक्के से उसके शरीर पर चोट जैसे निशान बनाए थे, जिससे नईमुद्दीन पर काटने का आरोप पुख्ता हो सके। पुलिस ने अरुण, मनोज और तरुण गुर्जर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर बिजेन्द्रपाल राना ने बताया कि तीनों आरोपी गांव में माहौल भड़काना चाह रहे थे। तीनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

Published on: