
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला। फोटो सोर्स-IANS
Meerut Blue Drum Murder Case Update: मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में अपने पति की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पा चुकी मुस्कान रस्तोगी की 10 महीने की बेटी राधा के भविष्य को लेकर नया मोड़ आ गया है। मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने मेरठ जिला अदालत में बच्ची को गोद लेने और उसकी पूरी जिम्मेदारी उठाने के लिए अर्जी दी है। बता दें बच्ची का जन्म तब हुआ था जब मुस्कान जेल में बंद थी। जानिए क्या है पूरा मामला।
अदालत में अर्जी देने के बाद फैजान अंसारी ने कहा कि वह राधा को जेल की मुश्किलों से दूर एक सुरक्षित और स्थिर बचपन देना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद मुस्कान की सजा या कानूनी कार्यवाही में कोई बाधा डालना नहीं है और न ही वह पब्लिसिटी के लिए ऐसा कर रहे हैं। फैजान ने अदालत को अपनी आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी भी सौंपी है ताकि यह साबित हो सके कि वह बच्ची की परवरिश अच्छी तरह कर सकते हैं।
राधा का जन्म 24 नवंबर, 2025 को मेरठ के एक मेडिकल कॉलेज में हुआ था। जन्म के बाद से ही वह अपनी मां मुस्कान के साथ मेरठ जिला जेल में रह रही है। जेल के नियमों के मुताबिक 6 साल की उम्र तक बच्चे अपनी मां के साथ जेल में रह सकते हैं। इसलिए फिलहाल राधा के रहने की व्यवस्था में तुरंत कोई बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। आपको बता दें कि मुस्कान की एक 7 साल की बेटी पीहू भी है जो फिलहाल मुस्कान के माता-पिता के साथ अलग रह रही है।
सौरभ राजपूत ने साल 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। साल 2019 में दोनों के बीच विवाद हुआ और वे अलग हो गए। उसी साल मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो अब अपने नाना-नानी के पास रहती है। बाद में परिवार ने दोनों के बीच समझौता कराया और वे साथ रहने लगे। इसके बाद सौरभ लंदन चला गया। इसी दौरान मुस्कान की अपने स्कूल के सहपाठी साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ गईं।
24 फरवरी 2025 को सौरभ लंदन से भारत लौटा था। आरोप है कि तीन मार्च की रात मुस्कान और साहिल ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया। इसके बाद चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में रखे गए और उसमें सीमेंट भर दिया गया।पुलिस ने मामले में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। अभियोजन पक्ष ने अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। जांच के दौरान चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और नीला ड्रम खरीदने से जुड़े तथ्य सामने आए। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले सबूतों के बारे में गवाही दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से चोट लगने की पुष्टि हुई। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया। इसके बाद 14 अक्टूबर, 2026 को सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने दोनों के लिए मौत की सजा मुकर्रर की है।
Updated on:
21 Oct 2026 06:32 pm
Published on:
21 Oct 2026 05:51 pm
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