मेरठ

कौन हैं IPS कलानिधि नैथानी? गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो के बेटे पर 50 हजार का इनाम घोषित करने बाद चर्चा में!

About IPS Kalanidhi Naithani: मेरठ में डीआईजी कलानिधि नैथानी ने नौ वांछित बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जिसके बाद वह चर्चा में हैं। आपको बताते हैं IPS कलानिधि नैथानी के बारे में।
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Oct 22, 2026
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IPS कलानिधि नैथानी। फोटो सोर्स X (@AhteshamFIN)

About IPS Kalanidhi Naithani: पश्चिमीउत्तर प्रदेशमें लूट, डकैती, नकबजनी और अन्य संगीन अपराधों के मामलों में वांछित 9 बदमाशों पर DIG कलानिधि नैथानी ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इन बदमाशों में कुख्यात गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो का बेटा सिकंदर भी शामिल है। सिकंदर कई साल से फरार चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, 28 मार्च 2019 को मेरठ के मुकुट महल होटल से बद्दो को पुलिस हिरासत से फरार कराने में सिकंदर की अहम भूमिका थी। वांछित 9 बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के बाद IPS कलानिधि नैथानी चर्चा में हैं। आपको बताते हैं उनके बारे में।

कौन हैं IPS कलानिधि नैथानी?

IPS कलानिधि नैथानी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। उनका पारिवारिक परिवेश शिक्षा से जुड़ा रहा है। उनकी मां राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रिंसिपल थीं, जबकि उनके पिता गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे हैं। नैथानी की शुरुआती पढ़ाई पौड़ी में हुई। इसके बाद उन्होंने आर्मी स्कूल, मथुरा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र में भी काम किया।

फोटो-AI

उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स में रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में काम किया। इसके अलावा वह बेंगलुरु स्थित सी-डॉट में भी कार्यरत रहे। इन दोनों संस्थानों में उन्होंने करीब 5 साल काम किया। बेंगलुरु में नौकरी के दौरान ही उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक इंटरव्यू में नैथानी ने बताया था कि उनकी मां चाहती थीं कि वह IPS अधिकारी बनें। यही इच्छा उनके लिए प्रेरणा बनी। वर्ष 2010 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से उनका पुलिस सेवा में चयन हुआ।

अब जानिए सिकंदर समेत और कौन रडार पर?

बदमाश का नामनिवासीदर्ज मुकदमे
सुनील कुमारसिनौली, थाना छपरौली, बागपतबागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ में कुल 27 मुकदमे
मोनूअछरोड़ा, थाना परतापुर, मेरठमेरठ के सात थानों में 16 मुकदमे
शाह आलमसिवाल खास, थाना जानी, मेरठमेरठ के देहली गेट और अमेठी के मुसाफिरखाना समेत 4 मुकदमे
खालिदआरिफ वेस्ट, विनोदनगर, शकरपुर, ईस्ट दिल्लीमेरठ और मुजफ्फरनगर में 3 मुकदमे
मुरसलीनइस्लामनगर, कैलाभट्टा, गाजियाबादमेरठ और मुजफ्फरनगर में 3 मुकदमे
मुकीमसुतारी चौला, बुलंदशहरचोला और कोतवाली देहात थानों में 4 मुकदमे
धर्मेंद्रन्यू विकास नगर, लोनी, गाजियाबादगाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और शामली के विभिन्न थानों में मुकदमे
संजयन्यू विकास नगर, लोनी, गाजियाबादगाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और शामली के विभिन्न थानों में मुकदमे

DIG कलानिधि नैथानी ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

छह साल से अधिक समय से फरार है पांच लाख का इनामी बद्दो

बता दें कि गैंगस्टर बदन सिंह बद्दो और उसका बेटा सिकंदर लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। बद्दो पर पांच लाख रुपये और सिकंदर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। बद्दो के सोशल मीडिया पर कभी-कभी पोस्ट सामने आने के बावजूद पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मेरठ में उसकी बैरीपुरा स्थित कोठी पर बुलडोजर की कार्रवाई भी हो चुकी है। बदन सिंह बद्दो का नाम उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज लूट, डकैती और हत्या के मामलों से जुड़ चुका है। उसने वर्ष 1988 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वर्ष 1996 में अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। इसके बाद वर्ष 2011 में मेरठ जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था।

मुकुट महल होटल से पुलिस हिरासत में फरार हुआ था बद्दो

बदन सिंह बद्दो 28 मार्च 2019 को मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित मुकुट महल होटल से पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इस घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, उसे फरार कराने में उसके बेटे सिकंदर की भी अहम भूमिका थी। इसी मामले में सिकंदर भी वांछित है। बद्दो के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, उसके बेटे सिकंदर पर अब 50 हजार रुपये का इनाम है। दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जालंधर से मेरठ आया था बद्दो का परिवार

बदन सिंह बद्दो का परिवार मूल रूप से पंजाब के जालंधर से जुड़ा था। उसके पिता चरण सिंह 1970 के दशक में जालंधर छोड़कर मेरठ आ गए थे। परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्होंने ट्रक चालक के रूप में काम शुरू किया। बाद में वह ट्रांसपोर्टर बन गए। सात भाइयों में सबसे छोटे बदन सिंह बद्दो ने भी ट्रांसपोर्ट के कारोबार में कदम रखा। इसी दौरान उसके संपर्क इलाके के अपराधियों से होने लगे। इसके बाद उसने शराब के कारोबार में भी हाथ आजमाया। बताया जाता है कि वर्ष 1988 में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वर्ष 1996 में अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई। इसके बाद भी उसका नाम कई गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आता रहा। वर्ष 2019 में पुलिस हिरासत से फरार होने के बाद से वह लगातार पुलिस की तलाश में है।

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