
मेरठ।chaitra navratri 2019 छह अप्रैल से शुरू हो रही है। इस बार जितने संयोग बन रहे हैं, उतने पहले कभी नहीं बने। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में इस बार पांच सर्वार्थसिद्धि योग व दो रवि योग आैर रवि पुष्य नक्षत्र योग बन रहे हैं। 250 वर्षों बाद नवरात्र पर बन रहे इन अद्भुत योगों के कारण श्रद्धालुआें को सच्चे मन से देवी की पूजा-साधना करने पर मनोवांछित इच्छा की पूर्ति का देवी का वरदान मिलेगा आैर उनके सभी बिगड़े काम बनेंगे। इस बार Chaitra Navratri 2019 लोगों के लिए बहुत ही भाग्यशाली साबित होंगे।
छह अप्रैल को घट स्थापना
ज्योतिषाचार्य डा. ललित गर्ग के अनुसार चैत्र नवरात्रि छह अप्रैल शनिवार को रेवती नक्षत्र से आरंभ होगी आैर रामनवमी 13 अप्रैल शनिवार की दोपहर 11.42 से प्रारंभ होकर रविवार की सुबह 9.36 तक मनार्इ जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार पांच सर्वार्थसिद्धि योग आैर दो रवि योग बनने से पूजा-अर्चना आैर साधना करने से देवी की कर्इ गुना कृपा मिलेगी। छह अप्रैल को सुबह 6.10 से 10.19 बजे तक घट स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इनमें सात अप्रैल को सर्वार्थसिद्धि योग, आठ अप्रैल को रवि योग, दस अप्रैल को सर्वार्थसिद्धि योग, 11 अप्रैल को रवियोग, 12 अप्रैल को सर्वार्थसिद्धि योग, 13 व 14 अप्रैल को सर्वार्थसिद्धि योग व रवि योग बन रहे हैं।
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विधि-विधान से करें पूजा-अर्चना
घर के मंदिर में दुर्गा मूर्ति व घट की स्थापना करें। दुर्गा देवी की मूर्ति का साड़ी, आभूषण, चुनरी, सुहाग, चावल, रोली, माला आैर फूल से श्रंगार करें। हर नवरात्र पर सुबह नहा-धोकर फल आैर मिठार्इ का भोग भी लगाएं। रोजाना दुर्गा चालीसा या दुर्गा देवी के मंत्र की साधना करें। नवरात्रि के व्रत की शुरुआत गणेश जी आैर मां दुर्गा की आरती के साथ करें आैर शाम को दुर्गा देवी की चालीसा का पाठ करने के बाद व्रत खोलें।
पूजा करने से देवी की कृपा होगी
Chaitra Navratri 2019 में देवी की आराधना करने से लोगों को काफी लाभ होंगे। ज्योतिषाचार्य डा. ललित गर्ग के अनुसार इन नौ दिनों में सात दिन अद्भुत योग बन रहे हैं। इनमें दुर्गा देवी की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।