
मेरठ। इस समय लोग कोरोना वायरस से बचाव के लिए घरों में हैं। यूपी पुलिस भी लॉकडाउन के बाद व्यवस्था बनाने में जुटी हुई है। इस लॉकडाउन में कुछ ऐसे भी हैं जो कई-कई दिनों से भूखे प्यासे सड़कों के किनारे तड़प रहे हैं। इन लोगों में कुछ बेजुबान जानवर हैं जो बोल नहीं सकते, लेकिन उनकी हालत देखकर लगता है कि कई दिनों से उनको खाना नहीं मिला है। इन्हीं बेजुबानों के लिए अन्नपूर्णा बन गई मेरठ पुलिस। पुलिस का ये रूप जिसने भी देखा वह देखकर दंग रह गया।
अपनी ड्यूटी के बीच पुलिसकर्मी कहीं किसी असहाय गरीब बेसहाराओं को खाना खिलाते नजर आए तो कहीं बेजुबान जानवरों के लिए खाने का सहारा बन गए। जो नजारा दिखाई दे रहा है। वह मेरठ के कैंट इलाके हैं जहां सदर पुलिस और लालकुर्ती पुलिस लोगों की मददगार बनकर सामने आई। पुलिसकर्मियों ने सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को केले और बिस्कुट खिलाए। वहीं सड़कों के नीचे अपना जीवन काटने वालों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करते भी नजर आए। ड्यूटी के साथ पुलिस गरीबों की मदद के लिए हाथ आगे बढा रही है। बीती रात गरीब बस्तियों में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने गरीबों को खाने के पैकेट बांटे और फलों का भी वितरण किया।
पुलिसकर्मियों ने गरीबों से कहा कि अगर उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ हो तो वे निसंकोच थाने आएं और अपनी तकलीफ को उन्हें बताएं। अगर कोई बीमार है या किसी प्रकार की दवाई की जरूरत है तो उसके लिए भी उनकी मदद की जाएगी। 23 मार्च से लॉकडाउन को लेकर लोगों ने भी अब अपने आप को 21 दिन के इस समय में ढालना शुरू कर दिया है। अब वे एक दूसरे की मदद के साथ ही लोगों से अपील भी कर रहे हैं कि कोरोना से कैसे बचाव करें। जिस खाकी का नाम कभी लोगों के सामने आने पर एक कठोर तस्वीर उभर आती थी आज वहीं खाकी लॉकडाउन के दौरान लोगों की मददगार बनकर सामने आ रही है।