
नई दिल्ली। भारत के 151 जिलों की फसले,पेड़-पौधे और पशुओं पर जलवायु परिवर्तन के कारण खतरा मंडरा रहा है,यानि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 20 फीसदी हिस्सा खतरे में है। यह खुलासा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सालाना समीक्षा में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जलवायु परिवर्तन का प्रभाव देश की आधी आबादी पर पड़ा है। वहीं देश का 17 फीसदी आर्थिक उत्पादन पर प्रभाव पड़ा है।
60 साल के बदलते मौसम के मिजाज
ताजा आईसीएआर के अध्ययन से पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। तेजी से बदलता मौसम न सिर्फ अर्थव्यवस्था बल्कि समाज और राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है। अध्ययन के मुताबिक 2.80 करोड़ हेक्टेयर गेहूं की खेती में से 90 लाख हेक्टेयर खेती पर बढ़ते तापमान का प्रभाव पड़ा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2018 ने पिछले 60 साल के बदलते मौसम के मिजाज का अध्ययन किया है।
कृषि मंत्रालय सचेत हुआ
हाल ही में कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने एक बैठक ली थी,जिसमें खराब होे रहे मौसम से निपटने के लिए तैयारियों पर चर्चा की गई। जलवायु परिवर्तन से खेती पर पड़ने वाले खतरे से निपटने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।