अमृतसर रेल हादसे को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोपों के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। घटना की जांच के दौरान सामेन आए दो पत्रों ने पूरे मामले से पर्दा हटा दिया है।
नई दिल्ली। अमृतसर रेल हादसे को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोपों के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। घटना की जांच के दौरान सामेन आए दो पत्रों ने पूरे मामले से पर्दा हटा दिया है। इनमें से एक पत्र दशहरा कमेटी का है, जिसमें पुलिस से कार्यक्रम के आयोजन किया अनुमति मांगी गई है। जबकि इसके जवाब में पुलिस की ओर से लिखे खत में पुलिस विभाग को इस कार्यक्रम से कोई आपत्ति न होने की बात लिखी गई है। आपको बता दें कि दशहरे के दिन हुए इस भीषण ट्रेन हादसे से रेलवे और स्थानीय प्रशासन पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहा है। लेकिन इन दोनों खतों साफ कर दिया है कि पुलिस ने ही उस स्थल पर रामलीला व रावण दहल की अनुमति दी थी।
कार्यक्रम स्थल से पुलिस रही नदारद
रामलीला कमेटी को यह पत्र एएसआई दलजीत सिंह की ओर से लिखा गया है। अब इन पत्रों ने साफ कर दिया है कि दशहरा कमेटी की ओर से स्थानीय प्रशासन को न केवल जानकारी दी गई थी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की डिमांड भी की गई थी। बावजूद इसके कार्यक्रम स्थल से पुलिस नदारद रही और इस लापरवाही ने एक बड़े हादसे को जन्म दे दिया। हालांकि, इस कार्यक्रम के लिए अमृतसर नगर निगम की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी। एक मीडिया रिपोर्ट ने अमृतसर नगर निगम आयुक्त सोनाली गिरी के हवाले से बताया कि नगर निगम को ऐसे किसी कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। न ही नगर निगम से कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति मांगी गई थी।