फानी चक्रवात बेहद तेज रफ्तार आंधी के रूप में तटीय क्षेत्रों से टकराएगा 175 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार की आंधियां ढाएंगी कहर प्रशासन अलर्ट, केंद्र सरकार ने अग्रिम सहायता राशि की घोषणा
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा के लिए येलो वार्निंग जारी की है। मौसम विभाग ने राज्य में ज्यादा से बहुत ज्यादा बारिश होने की भविष्यवाणी भी की है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कालाहांडी, संबलपुर, देवगढ़ और सुंदरगढ़ जैसे इलाकों पर पड़ सकता है। इससे पहले तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लिए भी हाई अलर्ट जारी किया जा चुका है। फानी चक्रवात से पैदा हुए खतरे को देखते हुए 15 मई तक ओडिशा में डाक्टरों और सभी मेडिकल स्टाफ की छुटि्टयां रद्द कर दी गई हैं। जो डॉक्टर या चिकित्साकर्मी पहले से ही छुट्टी पर गए हुए हैं, उन्हें 1 मई की शाम तक उनके हेडक्वार्टर्स पर रिपोर्ट करने को कहा गया है।
फानी चक्रवात से भारी तबाही का अंदेशा
अनुमान लगाया जा रहा है कि फानी चक्रवात 180 से 200 किलोमीटर की रफ्तार से भारतीय भूमि से टकराएगा, जिससे समुद्र तटीय इलाकों में भारी तबाही हो सकती है। छह महीने पहले आए गाजा चक्रवात ने भी तमिलनाडु में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें करोड़ों की संपत्ति के नुकसान के साथ-साथ 40 लोगों की मौत भी हो गई थी।
205 किलोमीटर प्रतिघंटा की तबाही बरपाने वाली आंधियां लाएगा फानी
गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार फानी चक्रवात 1 मई तक उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ता रहेगा और ओडिशा के चांदबली और गोपालपुर जैसे तटीय इलाकों से टकराएगा। यहां से यह तूफान 3 मई तक 175 किलोमीटर प्रतिघंटा से 205 किलोमीटर प्रतिघंटा की भयानक रफ्तार से पुरी पहुंचेगा। इतनी तेज आंधी के बीच में जो कुछ भी पड़ेगा, वहां भयंकर तबाही मचने की आशंका है।
समय बीतने के साथ और भी विकराल हो रहा है फानी
मौसम विभाग ने अपनी भविष्यवाणी में फानी चक्रवात के समय बीतने के साथ और भी भयानक रूप धारण करने की आशंका व्यक्त की थी। ये बात अब सच साबित हो रही है। भारतीय नौसेना भी इस पर यह चेतावनी जारी करके मुहर लगा दी है कि फानी चक्रवात बेहद गंभीर होता जा रहा है। इस चक्रवात की वजह से बंगाल की खाड़ी के ऊपर 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधियां चलने का समाचार है। फानी चक्रवात को लेकर औड़िशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में पहले से ही हाई अलर्ट जारी किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने फानी चक्रवात के मद्देनजर बचाव व राहत कार्य के लिए 1086 करोड़ रूपए की अग्रिम सहायता राशि की घोषणा भी की थी।