
नई दिल्ली। दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को लेकर किसानों का आंदोलन 45वें दिन भी जारी है। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार और किसानों के बीच वार्ता पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और किसान दोनों के बीच कोई सहमति नहीं बनी। अब 15 जनवरी को फिर से बैठक होनी है। ये आंदोलन लंबा चलेगा क्योंकि सरकार कानून वापस लेने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ किसान घर वापसी के लिए तैयार नहीं हैं।
इससे पहले पहले शुक्रवार को विज्ञान भवन में केंद्र सरकार और किसान संघों के नेताओं के बीच नौंवें दौर की वार्ता हुई थी। वार्ता पहले की तरह बेनतीजा रही। बशर्ते, इस बार दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान तल्खी भी देखी गई। केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने से इनकार कर दिया। वहीं किसान संघों के नेताओं ने एक बार फिर सरकार से हां या न में जवाब मांगा। तकरार की वजह से कल की बैठक से भी कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया।