पीएम खुद बैठक कर कानूनों को निरस्त करने की बात करें 8 जनवरी को 8वें दौर की होगी किसान-सरकार के बीच बातचीत
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को 41 हो गए हैं। इस बीच कृषि कानूनों के लेकर सरकार और किसानों के बीच 7 बैठकें हो चुकी है। उसके बाद भी कोई हल नहीं निकल सका है। अब 8 वें दौर की बातचीत 8 जनवरी को होगी। कृषि मंत्री को लगता है कि 8 जनवरी को किसान और सरकार के बीच सबकुछ सामान्य हो जाएगा। किसान और सरकार के बीच समझौता हो जाएगा। वहीं किसान संगठन का कुछ और ही कहना है।
किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के सुखविंदर सिंह सभरा का कहना है कि सरकार की नीयत में खोट है। 8 जनवरी को 8वें दौर की बात होगी। बातचीत में कुछ निकलता दिखाई नहीं दे रहा। सरकार एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि कानून फायदेमंद हैं। पीएम खुद बैठक कर कानूनों को निरस्त करने की बात करें।
नए कृषि कानूनों को रद्द करवाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की गारंटी की मांग को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं और इस दौरान आंदोलन में शामिल 50 से ज्यादा किसान दम तोड़ चुके हैं। मगर, आंदोलन समाप्त करवाने को लेकर किसान संगठनों के नेताओं और सरकार के बीच हो रही वार्ता के लिए फिर एक तारीख तय हुई।