3500 किलोमीटर मारक क्षमता वाली K-4 बैलिस्टिक मिसाइल। 2500 किलोग्राम तक न्यूक्लियर वारहेड ले जाने में है सक्षम। अरिहंत क्लास सबमरीन के लिए डीआरडीओ ने किया विकसित।
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस से पहले भारत ने शुक्रवार सुबह 3500 किलोमीटर मारक क्षमता वाली K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। देश ने छह दिन में दूसरी बार इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक बीते छह दिन में भारत ने दूसरी बार इस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह 3,500 किलोमीटर दूरी तक मार करने वाली K-4 बैलिस्टिक मिसाइल शुक्रवार सुबह विशाखापट्टनम के तट से दागी गई।
इस K-4 बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण की खासियत यह रही कि इसे नौसेना की सबमरीन (पनडुब्बी) से लॉन्च किया गया। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा विकसित की गई इस मिसाइल को शुक्रवार सुबह पानी के नीचे बने प्लेटफॉर्म (पनडुब्बी) से छोड़ा गया।
गौरतलब है कि इससे पहले बीते रविवार 19 जनवरी को भारत ने आंध्र प्रदेश के तट से K-4 बैलिस्टिक मिसाइल को लॉन्च किया था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह परीक्षण रविवार को दिन में समुद्र के अंदर मौजूद प्लेटफॉर्म (पनडुब्बी) से किया गया था।
डीआरडीओ द्वारा इसे भारत निर्माण की जाने वाली अरिहंत क्लास न्यूक्लियर सबमरींस के लिए विकसित किया गया है। परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बियों में इसे लगाए जाने से पहले संभवता इसके और परीक्षण भी किए जा सकते हैं। फिलहाल भारतीय नौसेना में केवल एक ही न्यूक्लियर सबमरीन अरिहंत काम कर रही है।
वहीं, K-4 भारत द्वारा विकसित की गई पानी के भीतर मार करने वाली दूसरी मिसाइल है, जिसे पनडुब्बियों के लिए बनाया गया है। दूसरी मिसाइल का नाम BO-5 है जिसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर है।
जानकारी के मुताबिक इस मिसाइल की लंबाई 12 मीटर, व्यास 1.3 मीटर और वजन करीब 19 टन है। यह मिसाइल अपने भीतर करीब 2,500 किलोग्राम का परमाणु शस्त्र ले जा सकती है।