विविध भारत

नौसेना को मिला बेहद खतरनाक हथियार ‘वरुणास्त्र’, चीन-पाक सहमे

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशाला ने भारत डायनमिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर तारपीडो बनाया

2 min read
Jun 30, 2016
varunastra handed over to Indian Navy
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भारतीय नौसेना को देश में ही बना अत्याधुनिक तारपीडो 'वरुणास्त्र' सौंपा, जिससे वह समुद्र की गहराई में छिपी पनडुब्बियों को ध्वस्त कर सकेगी। वरुणास्त्र बनाने में सफलता हासिल करने के बाद भारत अत्याधुनिक तथा पनडुब्बी रोधी भारी भरकम तारपीडो बनाने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशाला ने भारत डायनमिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर यह तारपीडो बनाया है।

हालिया परीक्षणों में यह तारपीडो समुद्र में सैकड़ों किलोमीटर दूर तक मार करने में सफल रहा है। पनडुब्बियों के अलावा इसको कई जंगी पोतों में भी फिट किया जा सकता है, जिनसे वार कर यह दूसरे जंगी पोतों को नष्ट कर सकता है। वरुणास्त्र एक हैवीवेट और एडवांस तारपीडो है। इससे पहले डीआरडीओ की ओर से विकसित तारपीडो हल्के थे और कम दूरी तक मार करने वाले थे। नौसेना में शामिल होकर यह तारपीडो दिल्ली, कोलकाता और कमोर्ता श्रेणी के युद्धपोतों में फिट किया जाएगा। हालांकि इस तारपीडो की मारक क्षमता का आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं किया गया है।

- 40 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन की पनडुब्बी या पोत को कर सकता है ध्वस्त
- शॉक, कंपन, तापमान और समुद्री वातावरण में किए जाने वाले परीक्षणों में पूरी तरह रहा है सफल
- यह हथियार युद्ध के दौरान पैदा होने वाली कई परिस्थितियों के अनुकूल है

इस दौरान रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने डीआरडीओ की तारीफ की लेकिन साथ ही कई नसीहतें भी दे डालीं। परिकर ने कहा कि वो चाहते हैं कि डीआरडीओ इस हथियार की गुणवत्ता का खास खयाल रखे। क्योंकि अगर इसको दूसरे देशों को निर्यात किया जाना है तो उसके लिये इसकी क्वालिटी अंतर्राष्ट्रीय दर्जे की होनी जरूरी है।

नौसेना प्रमुख को सौंपा वरुणास्त्र
पर्रिकर ने यहां एक कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा को पनडुब्बी रोधी तारपीडो 'वरुणास्त्रÓ औपचारिक रूप से सौंपा। इस मौके पर डीआरडीओ के महानिदेशक एस क्रिस्टोफर, रक्षा सचिव और रक्षा मंत्रालय तथा नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
Published on:
30 Jun 2016 12:05 pm
Also Read
View All