
नई दिल्ली। मिशन चंद्रयान 2 पर सबकी नजरें टिकी हैं। विक्रम लैंडर से इसरो का संपर्क टूटने के बाद बड़ा झटका लगा है। हालांकि, दोबारा विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिशें जारी है। इस बीच खबर यह आ रही है कि मिशन चंद्रयान 2 के कारण देश के सबसे ताकतवर निगरानी सैटेलाइट कार्टोसैट-3 की लॉन्चिंग टल सकती है।
जानकारी के मुताबिक, ISRO अक्टूबर के अंत तक कार्टोसैट-3 सैटेलाइट को लॉन्च करने वाला था, लेकिन अब कहा जा रहा है कि कार्टोसैट-3 की लॉन्चिंग एक महीने तक टल सकती है। गौरतलब है कि इसरो चीफ डॉ. के सिवन ने कहा था कि चंद्रयान-2 मिशन के बाद इस साल वे एक और बड़ा मिशन लॉन्च करेंगे।
कहा जा रहा है कि अभी इसरो की एक बड़ी और महत्वपूर्ण टीम विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने में लगी है, इसलिए कार्टोसैट-3 की लॉन्चिंग में थोड़ी बहुत देरी हो सकती है। यहां आपको बता दें कि कार्टोसैट-1 और 2 की मदद से ही भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी।
क्या है कार्टोसैट 3
कार्टोसैट-3, कार्टोसैट सीरीज का नौवां सैटेलाइट होगा। कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 1 फीट से भी कम की ऊंचाई तक की तस्वीर ले सकेगा। कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 0.25 मीटर यानी 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है।
गौरतलब है कि कार्टोसैट सीरीज का पहला सैटेलाइट कार्टोसैट-1 पांच मई, 2005 को पहली बार लॉन्च किया गया था। अब देखना यह है कि इसरो इस सैटेलाइट को कब लॉन्च करती है। क्योंकि, इसके लॉन्च होने से सैटेलाइट के मामले में भारत की गिनती शक्तिशाली देशों में होगी।