हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर देश में कहीं खुशी-कहीं गम की स्थिति। याद नहीं पुलिसकर्मियों के किसी कार्य पर कब जताई गई ऐसी खुशी। लोगों ने मिठाई बांटी, गोद में उठाया, राखी बांधी और फोन पर बधाई दी।
नई दिल्ली। हैदराबाद में पशु चिकित्सक दिशा के साथ गैंगरेप-मर्डर जैसी हैवानियत को अंजाम देने वाले चार आरोपियों की शुक्रवार तड़के शादनगर कस्बा स्थित कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर भारी तादाद में लोग जुट गए और पुलिस पर फूल बरसाए, तालियां बजाईं और हौसलाफजाई की। हालांकि भारत में शायद यह पहली घटना है, जिसमें पुलिस पर लोगों ने फूल बरसाए हों।
दरअसल, शुक्रवार तड़के तेलंगाना पुलिस डॉ. दिशा का गैंगरेप और मर्डर करने वाले चारों आरोपियों को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने शादनगर कस्बा स्थित घटनास्थल पर ले गई। लेकिन हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर शादनगर के पास चटनपल्ली में पुलिस से कथित तौर पर हथियार छीनने के बाद हमला कर भाग रहे आरोपियों को शुक्रवार सुबह पुलिस ने मार गिराया।
जैसे ही मुठभेड़ की खबर फैली, हैदराबाद के विभिन्न स्थानों और तेलंगाना के अन्य स्थानों से लोग मुठभेड़ स्थल के पास पुलिस का शुक्रिया अदा करने के लिए पहुंचे। कुछ ने इस दौरान पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटी। जबकि घटनास्थल पर लोगों ने फूल बरसाकर पुलिस की इस कार्रवाई पर खुशी जताई।
घटनास्थल के अलावा कई स्थानों पर भीड़ ने खुशी में पुलिसकर्मियों को उठाकर अपने कंधों पर बिठा लिया तो हैदराबाद में डॉ. दिशा की पड़ोसियों ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर आभार जताया। पुलिस को इस मुठभेड़ के लिए बधाई संदेश देने के लिए कई लोगों ने 100 नंबर डायल किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद चटनपल्ली में इकट्ठा हुए सैकड़ों लोगों ने जघन्य अपराध के अपराधियों को मारने के लिए साइबराबाद पुलिस, विशेषकर आयुक्त वीसी सज्जनार का आभार व्यक्त किया।
30 नवंबर को शादनगर थाने के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए एक नागरिक ने कहा, "प्रदर्शन के दौरान हमने पुलिस से कहा था कि वह या तो आरोपियों को हमारे हवाले कर दें या फिर उन्हें मुठभेड़ में मार गिराए। उन्होंने उनका एनकाउंटर कर दिया।"
कब इतने लोगों ने किया है पुलिस का शुक्रिया
अगर इतिहास पर नजर डालें तो देश में ऐसा कोई भी मामला नजर नहीं आता है, जब पुलिसकर्मियों को किसी काम के लिए इतनी तारीफ मिली हो। यहां तक की पुलिसिया कार्रवाई से खुश होकर दूर-दराज से आए लोगों ने उनपर फूल बरसाएं हों। भले ही इस एनकाउंटर की सच्चाई को लेकर मतभेद फैले हों, लेकिन पुलिस के प्रति लोगों का यह सम्मान एक अच्छा संकेत जरूर देता है।
पुलिसवालों पर कब बरसाए जाते हैं फूल
भले ही पुलिसकर्मियों पर फूल बरसाए जाने की यह संभवता पहली घटना हो, लेकिन उन्हें ऐसा सम्मान जीते जी मिलता तो नहीं देखा है। हां, किसी मुठभेड़ में, किसी हमले में या किसी कार्रवाई के दौरान जब पुलिसवाले शहीद हो जाते हैं, तो उनके ऊपर फूल बरसते कई बार देखे गए हैं।