मोदी कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों को एक तोहफा दिया है।
नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मोदी सरकार ने तोहफा दिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 1 प्रतिशत अतिरिक्त डीए (डियरनेस अलाउसेस) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी के विधेयक को संसद में लाने की मंजूरी भी दी है। मंत्रिमंडल में तीन सितंबर को किए गए फेरबदल के बाद केंद्रीय कैबिनेट की मंगलवार को पहली बैठक हुई है।
बैठक में बीएसएनएल को नई कंपनी बनाने की इजाजत
कैबिनेट ने बैठक के दौरान सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को अपनी एक नई कंपनी बनाने की इजाजत भी दी है। जोकि बीएसएनएल के लिए टॉवर बनाने का कासम करेगी। इनके अलावा अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव डेयरी प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड स्कीम के क्रियान्वयन को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने आंध्रप्रदेश के नेशनल हाईवे एनएच-16 को छह लेन का किए जाने को भी स्वीकृति दे दी है।
संसद में पेश होगा ग्रैच्युटी बिल
वहीं इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी बिल 2017 को भी संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी। जानकारों के मुताबिक इस बिल का मकसद ग्रैच्युटी पर टैक्स की सीमा दोगुनी करना है। अभी तक 10 लाख रुपये ग्रैच्युटी पर टैक्स लगता था, लेकिन यह बिल पास होने के बाद छूट की सीमा 20 लाख तक हो जाएगी। इस बिल के लागू होने के बाद 10 या 10 से ज्यादा कर्मचारी वाले संस्खानों में ग्रैच्युटी एक्ट लागू होगा।
अब न्यूनतम वेतन बढ़ने की उम्मीद
वहीं डीए बढ़ने के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनके न्यूनतम वेतन पर भी फैसला लेगी। हाल ही में रिपोर्ट आई थी कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 से बढ़ाकर 20000 करने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।