
रांची: झारखंड में एक मुस्लिम महिला को राज्य सरकार की तरफ से भारी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। महिला का कसूर सिर्फ इतना है कि वो योग सिखाती है। हाल ही में इस मुस्लिम महिला ने योग गुरु बाबा रामदेव के साथ भी मंच साझा किया था। ये बात कट्टर मुस्लिम संगठनों को नागवार गुजरी है और उन्होंने इस महिला को जान से मारने तक की धमकियां देना शुरू कर दिया है। शिया मौलवियों ने महिला के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। वहीं हिंदू संगठनों की तरफ से भी राफिया को नाम बदलने की सलाह मिल रही है।
बाबा रामदेव के साथ किया था मंच साझा
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, राफिया नाज झारखंड के डोरंडा इलाके में रहती हैं। ये महिला योग सिखाकर अपना गुजर-बसर करती है। राफिया के घर में वो सबसे बड़ी है। राफिया एम.कॉम कर रही हैं और हाल ही में उन्होंने योगगुरू बाबा रामदेव के साथ मंच साझा किया था। उसी के बाद से शिया मौलवी राफिया की जान के दुश्मन बन गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राफिया को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए जाने का आदेश दिया है। एक राफिया को धमकियां दी जा रही हैं कि वो योग ने सिखाए।
राफिया की बढ़ाई गई है सुरक्षा
वहीं राफिया के खिलाफ जारी फतवे में कहा गया है कि महिला ने उनके धर्म का मजाक उड़ाया है और उसे तुरंत योग सिखाना रोकना होगा। मुख्यमंत्री के आदेश पर अमल करते हुए रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने एक पुलिस दल को लड़की से मिलने के लिए भी भेजा। झारखंड पुलिस के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की को दो सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें एक पुरुष और दूसरी महिला है।
'एक कहता है नाम बदल लो, दूसरा कहता है काम बदल लो'
खुद के खिलाफ फतवा जारी होने के बाद राफिया ने हिम्मत दिखाते हुए कहा है कि मैं कट्टरपंथियों की धमकियों से डरने वाली नहीं हूं और इन्हें अनदेखा करते हुए मैं योग सिखाना जारी रखूंगी। राफिया ने कहा कि चाहे इसके लिए मेरी जान ही क्यों न चली जाए। राफिया कहती हैं कि मेरी समस्या दोनों समुदाय के लोगों के साथ है, एक मुझे योग सिखाने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है तो दूसरा मुझे अपना नाम बदलने के लिए कहा रहा है ताकि मुझे से कोई योग सिखने में संकोच न करे।