सरकारी कर्मचारियों के एलटीसी के बदले कैश वाउचर्स दिए जाएंगे कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस भी मिलेगा। राज्य सरकारों को 50 साल तक के लिए बिना ब्याज का कर्ज दिया जाएगा। बजट के अलावा केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे के विकास आदि पर 25 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।
फेस्टिवल सीजन से पहले केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए आज कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (nirmala sitharaman) ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस (nirmala sitharaman press conference) में कहा कि अर्थव्यवस्था (indian economy) में मांग को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाये जा रहे हैं। मांग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उपभोक्ता खर्च और पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए उपाय कर रही है। सरकार LTC कैश वाउचर्स और फेस्टिवल एडवांस स्कीम लेकर आई है। 'एलटीसी कैश वाउचर स्कीम' और दूसरा 'स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम' है। स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस देगी। साथ ही कर्मचारियों को एलटीसी में टिकट किराये का भुगतान नकद में किया जाएगा।
अर्थव्यवस्था सुधार के लिए सरकार के चार कदम -
1. सरकारी कर्मचारियों के एलटीसी के बदले कैश वाउचर्स दिए जाएंगे
2. कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस भी मिलेगा।
3. राज्य सरकारों को 50 साल तक के लिए बिना ब्याज का कर्ज दिया जाएगा।
4. बजट के अलावा केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे के विकास आदि पर 25 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।
क्या है एलटीसी नकद भुगतान -
कर्मचारियों को यात्रा अवकाश रियायत (LTC) का कैश वाउचर्स स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके तहत सरकारी कर्मचारी को नकद वाउचर दिए जाएंगे जिससे वो खर्च कर सकेंगे । इससे अर्थव्यवस्था में भी बढ़त होगी। इसका लाभ पीएसयू और सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इसके तहत ट्रेन या प्लेन के किराये का डिजिटल भुगतान करना होगा । केंद्र और राज्य कर्मचारियों के खर्च के द्वारा करीब 28 हजार करोड़ रुपये मांग इकोनॉमी में पैदा होगी।
फेस्टिवल एडवांस -
सरकार ने फेस्टिवल एडवांस स्कीम को इस साल के लिए शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 10 हजार रुपये का फेस्विल एडवांस सभी तरह के कर्मचारियों को मिलेगा इस पैसे का भुगतान वे 10 किस्त में जमा कर सकते हैं। यह 31 मार्च 2021 तक उपलब्ध रहेगा। यह प्रीपेड रूपे कार्ड के रूप में दिया जाएगा।
बिना ब्याज का लोन -
12 हजार करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के लिए 50 साल के लिए बिना ब्याज का लोन राज्यों को दिया जाएगा। यह राज्यों को पहले से मिल रहे लोन के अतिरिक्त होगा। इसके तीन हिस्सा होगा-2500 करोड़ रुपये पूर्वोत्तर, उत्तराखंड और हिमाचल को मिलेगा। 7500 करोड़ रुपये अन्य राज्यों को वित्त आयोग की सिफारिश के मुताबिक दिया जाएगा। तीसरा 2,000 करोड़ रुपये का हिस्सा उन राज्यों को मिलेगा जो कि आत्मनिर्भर के तहत ऐलान चार में से कम से कम 3 सुधार लागू करेंगे। यह पूरा लोन 31 मार्च 2021 से पहले दिया जाएगा।
कैपिटल एक्सपेंडीचर बढ़ाया गया -
बुनियादी ढांचा को विकसित करने के लिए सरकार तय बजट के अलावा अतिरिक्त 25,000 करोड़ रुपये देगी। यह सड़क, डिफेंस संबंधी बुनियादी ढांचा, जलापूर्ति, शहरी विकास, डिफेंस के देस में बने कैपिटल इक्विपमेंट के लिए होगा।