एयरसेल मैक्सिस डील मामले में पी.चिदंबरम पर पावर का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा है।
नई दिल्ली। एयरसेल मैक्सिस डील मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी.चिदंबरम और उनके बेटे कार्तिक चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ने वाली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट एयरसेल मैक्सिस डील मामले में सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बारे में सोमवार को फैसला सुना सकती है। बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने पूर्व वित्तमंत्री पी.चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
चिदंबरम के खिलाफ यह पहली चार्जशीट
इस मामले में पी.चिदंबरम के खिलाफ पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। चार्जशीट में कहा गया है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया था। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120b और पीसी एक्ट की धारा 7, 1213(2) के तहत चार्जशीट दायर की गई थी। आपको बता दें कि इस मामले में कुल 18 लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
पी. चिदंबरम का ट्वीट
वहीं, पी. चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा था, 'इस मामले में चार्जशीट फाइल करने और मेरे खिलाफ निरर्थक आरोप लगाने के लिए CBI पर दबाव बनाया गया। अब यह केस कोर्ट के सामने है और वो ही इस पर फैसला करेगा।'
क्या है एयरसेल मैक्सिस डील
एयरसेल मैक्सिस डील में मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है, जिसका मालिकाना हक बिजनेस टॉयकून टी आनंद कृण्णन के पास है। साल 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी। बाकी की 26 फीसदी हिस्सेदारी अब एक भारतीय कंपनी, जो कि अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप से संबंधित है के पास है। ये डील उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई जब 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला उजागर हुआ।
आरोप है कि इस कंपनी पर नियमों की अनदेखी कर स्पेक्ट्रम अलॉट किए गए। पी.चिदंबरम जब वो देश के वित्त मंत्री थे, उस दौरान उन्होंने एफआईपीबी के नियमों की अनदेखी करते हुए एयरसेल मैक्सिस डील को मंजूरी दी थी। इस मामले में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को भी प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी बनाया है।
ये भी पढ़ें