
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन ( Protest against agricultural laws ) कर रहे किसानों (Farmer's Protest) को अब राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के साथ जानी मानी शख्सियतों का भी साथ मिलने लगा है। राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड ( Rajiv Gandhi Khel Ratna Award ) से सम्मानित बॉक्सर विजेंद्र सिंह ( Boxer Vijendra Singh ) के बाद अब पंजाबी कवि सुरजीत पातर ( Punjabi poet surjit patar ) ने पद्म श्री पुरस्कार ( Padma Shri Award ) वापसी की बात कही है। सुरजीत पातर ने किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि मैं दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ हूं और उसको लेकर केंद्र सरकार के रवैये से आहत हूं। पंजाबी कवि ने कहा कि काफी प्रयासों और उम्मीद के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकल सका है।
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को समर्थन
यही वजह है कि मैंं किसानोंं के पक्ष में अपना पद्म श्री पुरस्कार लौटा रहा हूंं। आपको बता दें कि कवि सुरजीत पातर पंजाबी के मशहूर कवि हैं। आपको बता दें कि इससे पहले भारत के ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को अपने समर्थन का ऐलान किया था। विजेंदर सिंह ने कहा था कि अगर किसानों की मांग पूरी नहीं की जाती हैं तो वह अपने सभी पदक लौटा देंगे। विजेंदर ने बीजिंग ओलम्पिक-2008 में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने विश्व स्तर पर भी कई पदक जीते हैं। इस मुक्केबाज ने दिल्ली-चंडीगढ़ रास्ते पर सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की और इनकी मांगें पूरी न होने पर पदक लौटने की घोषणा की।
किसानों की मांगें पूरी होने तक नहीं हटेंगे पीछे
विजेंदर ने कहा, "मैं मुक्केबाज विजेदर सिंह, ओलम्पिक पदक विजेता। मैंने विश्व स्तर पर कई पदक जीते हैं। पंजाब के हमारे बड़े भाई यहां प्रदर्शन कर रहे हैं। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक हमारे किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं।"