
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में घमासान के बीच अमित शाह और शरद पवार की मुलाकात को लेकर सियासत और तेज हो चुकी है। इस बीच शिवसेना के नेता और सांसद संजय राउत का कहना है कि वे भरोसे से कह सकते हैं कि ऐसी से कोई मीटिंग नहीं हुई है।
संजय राउत के अनुसार वे पूरे भरोसे से ये बात कह सकते हैं ये कोई वैसी मीटिंग नहीं थी। उन्होंने कहा कि कहानी का सस्पेंस अब खत्म हो जाना चाहिए, अफवाहों की होली रुकनी चाहिए क्योंकि इससे कुछ भी नहीं निकलेगा।
सबकुछ सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है
दरअसल, शनिवार से ही ये चर्चा लगातार जारी है कि अमित शाह के साथ एनसीपी चीफ शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल के बीच मुलाकात हुई है। ये बैठक अहमदाबाद में हुई है। हालांकि, इस मसले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी सवाल किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सबकुछ सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
नेताओं की मुलाकात गलत नहीं
वहीं,इस मीटिंग को लेकर बोलते हुए भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष ने कहा 'अमित शाह और शरद पवार की बैठक हुई है। मगर बातचीत क्या हुई है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बड़े नेताओं की ऐसी मुलाकात होना कोई आश्चर्य का विषय नहीं है। भले ही वे विरोधी दल के क्यों न हों। उन्होंने कहा कि हम MVA की गलत नीतियों का विरोध करते हैं। फिर भी देश की संस्कृति के अनुसार, विरोधी होने के बावजूद बड़े नेताओं की मुलाकात गलत नहीं है।
इससे पहले संजय राउत ने अमित शाह और शरद पवार की मुलाकात पर कहा था कि इस बात को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है कि शरद पवार और अमित शाह की कोई मुलाकात हुई है। ये केवल समाचारों के माध्यम से ही है। मगर वे मिलें भी हैं तो इसमें क्या गलत है? अमित शाह देश के गृहमंत्री हैं और नेता आपस में मिलते रहते हैं। इसका महाराष्ट्र की राजनीति से कोई नाता नहीं है।