भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में बारिश अभी बाकी है। बुधवार से शुक्रवार तक दिल्ली एनसीआर में अच्छी बारिश हो सकती है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है।
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर ( Delhi-NCR ) में बुधवार की सुबह झमाझम बारिश ( Rain showers ) हुई। इसके साथ ही दिल्ली में सुबह से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के बाद दिल्ली व आसपास के इलाके में मौसम सुहाना हो गया। लोगों को उमस ( Humidity ) भी से भारी राहत मिली है।
आएमडी ( IMD ) के केंद्रों के मुताबिक सफदरजंग में 0.8 एमएम, पालम में 3.2 एमएम, लोदी रोड में बूंदाबांदी, रिज में 6 एमएम बारिश हुई है।
मौसम विभाग ( IMD ) के अनुसार बुधवार और गुरुवार और शुक्रवार को मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। शनिवार से मौसम ( Weather ) शुष्क हो जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक इसके बाद भी एक और बारिश का स्पैल आ सकता है।
भारतीय मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक औसत से मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। इससे पहले मौसम विभाग के दावों के अनुरूप मंगलवार को ही बादलों की आंखमिचौली शुरू हो गई थी। मंगलवार को दिन में कई बार घने काले बादल छा गए थे। दिल्ली के कुछ इलाकों के हल्की बारिश भी हुई थी। इसके बावजूद तेज बारिश का इंतजार ही रहा।
मंगलवार को तापमान सामान्य से 1 डिग्री ज्यादा रहा
बादलों की आंखमिचौली की वजह से मंगलवार को अधिकतम तापमान ( Maximum Temperature ) 35 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान भी 27.1 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी का स्तर 72 से 98 प्रतिशत तक बना रहा।
North Indian राज्यों में भी हो सकती है बारिश
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में मंगलवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश में बुधवार और बृहस्पतिवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गंगा, घाघरा, पंचगंगा और गोदावरी नदी सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर
दूसरी तरफ बिहार में बाढ़ ( Floods in Bihar ) की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कश्मीर घाटी में रातभर बारिश हुई जिससे शुष्क मौसम से लोगों को निजात मिली। ओडिशा में बारिश में कमी आने से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिले। सबसे अधिक प्रभावित मलकानगिरी जिले में 321 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 933 गांव प्रभावित हुए हैं।