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भूखे बच्चे को कार में पिला रही थी दूध, मुंबई की ट्रैफिक पुलिस ने महिला को कार समेत किया टो

एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी न महिला समेत कार को टो किया, जबकि महिला अपनी भूखे बच्चे को दूध पिला रही थी।
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Updated: 12 Nov 2017, 11:46 AM IST
woman feeding his hungry child in the car, traffic police pick the car with woman
woman mumbai

मुंबई। हाल ही में मुंबई ट्रैफिक पुलिस का क्रूर चेहरा एक वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आया है। दिल को झकझोर कर रख देने वाले इस वीडियो में पता चला है कि एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी न महिला समेत कार को टो किया, जबकि महिला अपनी भूखे बच्चे को दूध पिला रही थी।
बताया जाता है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने उस वक्त निजी कार को टो किया, जबकि इसमें बैठी महिला खुद भी बीमार थी, और वह अपने सात महीने के बच्चे को दूध पिला रही थी। घटना शुक्रवार शाम की है। मुंबई के उत्तर-पश्चिी उपनगर मलाड (पश्चिम) की व्यस्त एस वी रोड का यह वीडियो एक स्थानीय नागरिक ने बनाया था। इसे महिला का पति बताया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

जांच के दिए गए आदेश
घटना को गंभीरता से लेते हुए मुंबई के संयुक्त आयुक्त (ट्रैफिक) अमितेश कुमार ने पुलिस उपायुक्त - पश्चिम (डीसीपी-पश्चिम) को तुरंत जांच का आदेश दिया है। कुमार ने अपने बयान में आश्वासन दिया कि उन्हें (डीसीपी-वेस्ट) तुरंत इस घटना की जांच करने का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट हासिल होने के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और कड़ाई से निपटा जाएगा।

नाम का बिल्ला नहीं पहना था पुलिसकर्मी ने
जानकारी के मुताबिक, 20 साल की महिला अपने सात महीने के बच्चे के साथ सफेद कार में बैठी थी। तभी एक टो वैन ने अचानक कार को उठाकर ले जाना शुरू कर दिया। महिला ने पुलिस कर्मी से अनुरोध किया कि वह टो न करें। ट्रैफिक पुलिसकर्मी का नाम शशांक राणे बताया गया है। उसने ड्यूटी के दौरान अपने नाम का बिल्ला नहीं पहना था। बिल्ला न पहनना महाराष्ट्र पुलिस के नियमों के खिलाफ है।

महिला ने बताया खुद को बीमार
पुलिसकर्मी ने मुस्कुरा कर अपने नाम की पुष्टि की और महिला से गाड़ी को टो करने से पहले वाहन से उतरने का अनुरोध किया। महिला ने अपने बच्चे की नर्सिंग का हवाला देते हुए और खुद को बीमार बताकर गाड़ी से उतरने से मना कर दिया।

दिखाए बीमारी के कागजात
महिला ने खिड़की से डॉक्टरी जांच का कुछ विवरण दिखाया था और वीडियोग्राफर को बताया कि वह बीमार है और अपने भूखे बच्चे को स्तनपान करा रही है, जो वीडियो में दिखाई दे रहा था। महिला ने दावा किया कि वहां खड़े दो अन्य वाहनों को पुलिस ने नहीं उठाया और उनकी कार को उसकी हताशा सुने बिना उठा लिया।

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