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Science And Technology: छंटनी के बावजूद आइटी-इंटरनेट इंडस्ट्री में फ्रेशर्स को अधिक पैकेज

Science And Technology: मंदी की आशंका से कंपनियां खर्च में कटौती कर रही हैं और छंटनी का दौर जारी है। कॉलेजों में मई में पहले दौर के प्लेसमेंट में आने वाली कंपनियों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है और फ्रेशर्स की हायरिंग 30% घटने की आशंका है।
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Updated: 12 Jun 2023, 5:12 PM IST
Science And Technology

Science And Technology: मंदी की आशंका से कंपनियां खर्च में कटौती कर रही हैं और छंटनी का दौर जारी है। कॉलेजों में मई में पहले दौर के प्लेसमेंट में आने वाली कंपनियों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है और फ्रेशर्स की हायरिंग 30% घटने की आशंका है। स्पेक्ट्रम टैलेंट मैनेजमेंट ने कहा, कोर टेक सेक्टर के प्रोजेक्ट्स में कमी के कारण आइटी कंपनियों की ओर से हायर किए फ्रेशर्स की ऑनबोर्डिंग में देरी हो रही है। साथ ही नौकरियों की कमी और सैलरी पैकेज में कटौती की समस्याए भी देखने को मिली है।

04 लाख हायरिंग इस साल होने की उम्मीद आइटी सेक्टर में, इनमें करीब 60% फ्रेशर्स को मिलेगी नौकरियां, रैंडस्टैड इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक

आइटी में सबसे अधिक सैलरी भी

आइटी सेक्टर में छंटनी के बावजूद फ्रेशर्स के लिए इसी सेक्टर में अधिक नौकरी के मौके हैं। रैंडस्टैड इंडिया और फाउंडइट की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टाफिंग इंडस्ट्री के बाद सबसे अधिक 21% फ्रेशर्स की हायरिंग आइटी सेक्टर मेंहोने की उम्मीद है। साथ ही आइटी में फ्रेशर्स को अन्य किसी भी सेक्टर से अधिक औसत सालाना पैकेज ऑफर हो रहा है।

फ्रेशर्स को इतनी मिल सकती है सैलरी, सेक्टर औसत सालाना पैकेज

आइटी-सॉफ्टवेयर 4.36-8.08

एयरलाइंस 4.25-7.36

इंटरनेट-ईकॉमर्स 3.93-6.53

एनर्जी-ऑयल 3.33-5.76

टेलीकॉम 2.83-4.80

बीपीओ 2.29-4.26

रिक्रूटमेंट-स्टाफिंग 2.14-4.22

(सालाना औसत पैकेज लाख रुपए में)

सेक्टर्स जिनमें होगी फ्रेशर्स की हायरिंग

सेक्टर हिस्सेदारी

रिक्रूटमेंट-स्टाफिंग 21.5%

आइटी-सॉफ्टवेयर 21%

बीपीओ-आइटीईएस 10%

बिजनेस-फाइनेंस 06%

एजुकेशन 05%

अन्य 36.5%

(स्रोत: फाउंडइट)

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