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यह पॉपुलर एप हैकर्स तक पहुंचा रहा था यूजर्स के निजी फोटो-वीडियोज, डिलीट करने से पहले करें ये काम

रिपोर्ट के अनुसार, GO SMS Pro एप को एक अरब से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया था। मैसेजिंग के दौरान यह एप एक लिंक तैयार करता था। इस लिंक के बारे में यूजर्स को कोई खबर नहीं होती थी।

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Google Play store पर सभी एप्स पर निगरानी रखी जाती है। किसी मैलवेयर एप की पहचान होते ही उसे तुरंत प्ले स्टोर से हटा दिया जाता है। हालांकि प्ले स्टोर तक पहुंचने से पहले सभी एप्स को कई सिक्योरिटी लेयर्स से होकर गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद प्ले स्टोर पर बहुत से ऐसे एप्स पहुंच जाते हैं, जो यूजर्स के लिए घातक हो सकते हैं। वे यूजर्स का निजी डाटा चुराकर हैकर्स को बेचते हैं। हाल ही गूगल प्ले स्टोर पर एक ऐसे ही एप का पता चला और उसे तुंरत प्ले स्टोर से हटा दिया गया। इस एप का नाम Go sms Pro है। अगर आपके मोबाइल में भी यह एप है तो इसे तुरंत डिलीट कर दें।

एक अरब से अधिक लोगों ने किया डाउनलोड
GO SMS Pro के बारे में जानकारी मिलने के बाद इस एप को गूगल प्ले-स्टोर से हटा दिया गया है। GO SMS Pro एप को लेकर Trustwave ने जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, GO SMS Pro एप को एक अरब से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया था। Trustwave ने रिपोर्ट में बताया था कि यह एप यूजर्स के डाटा के लिए सिक्योर नहीं है। इस एप के जरिए हैकर्स तक आसानी से यूजर्स के निजी मैसेज, फोटो और वीडियो तक पहुंच सकते हैं।

लिंक के जरिए पहुंच रहे थे हैकर्स
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समस्या GO SMS Pro के 7.91 वर्जन में है। दरअसल, मैसेजिंग के दौरान यह एप एक लिंक तैयार करता था। इसी लिंक के जरिए हैकर्स आसानी से यूजर्स के मोबाइल में सेंध लगा रहे थे। इस लिंक के बारे में यूजर्स को कोई खबर नहीं होती थी।

तुरंत करें यह काम
हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि इस एप के कारण कितने लोगों का निजी डाटा लीक हुआ है। ऐसे में अगर आपके फोन में भी यह एप है तो इसे तुरंत डिलीट कर दें। एप को डिलीट करने से पहले एप की स्टोरेज को भी डिलीट करें।

गूगल प्ले स्टोर पर सबसे ज्यादा मैलवेयर एप्स
हाल ही एक रिपोर्ट आई थी,जिसमें बताया गया था कि सबसे ज्यादा वायरस और मैलवेयर एप्स गूगल प्ले स्टोर के जरिए ही आते हैं। हाल ही NortonLifeLock और IMDEA सॉफ्टवेयर इंस्टीट्यूट ने एक सर्वे किया। इस सर्वे में खुलासा हुआ कि फोन में वायरस पहुंचाने का सबसे बड़ा सोर्स गूगल प्ले-स्टोर ही है। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल प्ले-स्टोर पर 67.2 फीसदी में किसी-ना-किसी तरह के मैलवेयर होते हैं। इसका मतलब है कि गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किए जाने वाले 67.2 एप्स मैलवेयर वाहक हैं।

Published on:
25 Nov 2020 08:56 am
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