चीनी शॉर्ट वीडियो मेकिंग एप TikTok अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर चल रहे सोशल मीडिया युद्ध में शामिल हो गया है।
चीनी शॉर्ट वीडियो मेकिंग एप TikTok अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर चल रहे सोशल मीडिया युद्ध में शामिल हो गया है। TikTok ने जानकारी दी है कि उसने दो रिपब्लिकन-समर्थकों के अकाउंट से चुनाव को लेकर गलत जानकारी फैलाने वाले वीडियो को हटा लिया है। ये दो अकाउंट रिपब्लिकन हाइप हाउस और द रिपब्लिकन बॉयज हैं। रिपब्लिकन हाइप हाउस और रिपब्लिकन बॉयज के वीडियो चुनावी धोखाधड़ी के बारे में झूठे दावे फैला रहे थे, क्योंकि मतगणना अभी जारी है।
Tweet में बताई वजह
टिकटॉक ने गुरुवार को एक Tweet में लिखा कि ये वीडियो भ्रामक सूचनाओं पर हमारी नीतियों का उल्लंघन करने के लिए हटाए गए हैं। हालांकि एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्टर ने Tweet किया कि टिकटॉक ने शुरुआती वीडियो हटा दिए लेकिन रिपब्लिकन बॉयज अकाउंट अभी भी सक्रिय हैं और उसने मतदाता से धोखाधड़ी की साजिशों को फैलाने वाला एक और वीडियो पोस्ट किया है। नए वीडियो को हजारों बार देखा जा चुका है।
Twitter और Facebook पोस्ट को फ्लैग करने में व्यस्त
टिकटॉक ने कहा कि उसने भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ अपनी नीतियों का उल्लंघन करने के लिए विडियो को हटा दिया है। गौरतलब है कि Twitter और Facebook दोनों ट्रंप की बड़ी जीत और वोटिंग धोखाधड़ी का दावा करने वाली पोस्ट को फ्लैग करने में व्यस्त थे। चीनी शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप को हाल ही में America में ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से एक और झटका मिला था।
यूट्यूब का वीडियो हटाने से इंकार
वहीं गूगल के स्वामित्व वाले यूट्यूब ने उस वीडियो को ब्लॉक करने से इनकार कर दिया है, जिसमें ट्रंप के चुनाव जीतने का दावा किया जा रहा है। यूट्यूब ने कहा है कि यह वीडियो उनके चुनाव को लेकर गलत सूचना फैलाने की नीतियों का उल्लंघन नहीं है। बता दें कि ट्रंप समर्थित समूह ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसका शीर्षक ट्रम्प वन, एमएसएम होप्स यू डोन्ट बिलीव योर आईज (ट्रंप जीते, एमएसएम को उम्मीद है कि आपको अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होगा) था।