मुंबई

‘पापी’ ज्योतिषी का एक और कांड उजागर, इमली के बीज से करता था खेला…अशोक खरात को ठगी में भी हासिल थी महारत

Astrologer Ashok Kharat: नासिक में खुद को ज्योतिषी बताने वाले अशोक खरात का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का डर दिखाकर लोगों से लाखों की ठगी और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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Mar 24, 2026
Another scandal involving astrologer Ashok Kharat exposed Maharashtra

Astrologer Ashok Kharat: महाराष्ट्र के नासिक में खुद को ज्योतिषी बताने वाला फर्जी बाबा इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। आस्था की आड़ में काले कारनामों का साम्राज्य चलाने वाला 67 वर्षीय अशोक खरात अब पुलिस की सलाखों के पीछे है, जिस पर तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का डर दिखाकर लाखों की ठगी और कई महिलाओं के यौन शोषण जैसे संगीन आरोप लगे हैं। पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अशोक खरात और उसका गिरोह 'सिद्ध' और 'ऊर्जावान' वस्तुओं के नाम पर ठगी का बड़ा रैकेट चला रहा था। जांच के मुताबिक, खरात का स्टाफ बाजार से महज 100 रुपये प्रति किलो की दर से जंगली इमली के साधारण बीज खरीदता था, जिन्हें पॉलिश करवाकर 'पवित्र और चमत्कारी बीज' के रूप में पेश किया जाता था। अंधविश्वास का फायदा उठाते हुए इन मामूली बीजों को विशेष पूजा-पाठ का ढोंग कर 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये जैसी भारी-भरकम कीमतों पर बेचा जाता था।

खबरों की माने तो फर्जी बाबा सिन्नर तालुका के मिरगांव स्थित ईशान्येश्वर मंदिर को अपना ठिकाना बनाकर खरात ने धोखे का एक बड़ा जाल बुन रखा था, जहां वह विशेष रूप से आर्थिक रूप से संपन्न और रसूखदार लोगों को अपना शिकार बनाता था। जांच में खुलासा हुआ है कि वह पहले लोगों की निजी और पारिवारिक परेशानियों को सुनकर उनका विश्वास जीतता था और फिर कथित 'आध्यात्मिक उपचार' के नाम पर उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से कंगाल कर देता था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में यह सामने आया है कि अशोक खरात अपनी 'तांत्रिक शक्तियों' का झूठा रौब जमाने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत खौफनाक माहौल तैयार करता था। लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए वह प्लास्टिक के नकली सांपों, बाघ की खाल जैसे दिखने वाले कपड़ों और अन्य बनावटी सामग्रियों का सहारा लेता था, जिससे उसकी क्रियाएं वास्तविक और प्रभावशाली प्रतीत हों। अंधविश्वास के इसी मायाजाल का फायदा उठाकर वह पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक रूप से अपने वश में कर लेता था और उन्हें यह विश्वास दिलाने में सफल रहता था कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल उसके पास ही है।

Updated on:
24 Mar 2026 04:02 pm
Published on:
24 Mar 2026 03:58 pm