
Maharashtra Government Scheme:महाराष्ट्र सरकार की कल्याणकारी 'लाडकी बहिन योजना' को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले आंकड़ों से पता चला है कि राज्य में सत्यापन प्रक्रिया के बावजूद लाखों अपात्र लाभार्थियों के खातों में करोड़ों रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 92 लाख अपात्र लाभार्थियों को ₹9,605 करोड़ का अनियमित भुगतान हुआ है।
कल्याणकारी योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,500 की वित्तीय सहायता दी जाती है। हालांकि, लाभार्थियों की सूची की बार-बार छंटनी और जांच के बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे लोग योजना का लाभ उठाते रहे जो इसके मानकों को पूरा नहीं करते थे। डेटा के अनुसार, 24 महीनों के दौरान कुल 46.1 करोड़ क्रेडिट एंट्री दर्ज की गई, जबकि पात्रता के हिसाब से यह आंकड़ा 39.758 करोड़ होना चाहिए था। इस तरह अतिरिक्त 6.403 करोड़ क्रेडिट एंट्री के जरिए 9,605 करोड़ रुपये गलत खातों में पहुंच गए।
राज्य स्तर पर की गई जांच और सत्यापन के बाद जिन प्रमुख कारणों से लाभार्थियों को सूची से बाहर किया गया, उनका विवरण इस प्रकार है-
इस मामले में सबसे राहत की बात आम जनता के लिए है। राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, सरकार सभी अपात्र लाभार्थियों से पैसे की वसूली नहीं करेगी। प्रशासनिक निर्णय के तहत केवल उन 4.50 लाख सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से ही राशि वापस ली जाएगी, जिन्होंने इस योजना का अनुचित लाभ उठाया था। इसके लिए संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालयों को वसूली रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आम जनता से जुड़े अन्य अपात्र लाभार्थियों से वसूली न करने का फैसला लिया गया है।