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महाराष्ट्र में 92 लाख अपात्रों को मिला लाडकी बहिन योजना का पैसा, ₹9,605 करोड़ का भुगतान

Government Scheme: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना में बड़ा खुलासा। RTI रिपोर्ट के मुताबिक 92 लाख अपात्रों के खातों में पहुंचे 9,605 करोड़ रुपये। पढ़ें पूरी खबर...
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Aug 22, 2026
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लाडकी बहिन योजना में करोड़ों का खेल (फाइल फोटो)

Maharashtra Government Scheme:महाराष्ट्र सरकार की कल्याणकारी 'लाडकी बहिन योजना' को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले आंकड़ों से पता चला है कि राज्य में सत्यापन प्रक्रिया के बावजूद लाखों अपात्र लाभार्थियों के खातों में करोड़ों रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 92 लाख अपात्र लाभार्थियों को ₹9,605 करोड़ का अनियमित भुगतान हुआ है।

कैसे पहुंचे गलत खातों में पैसे?

कल्याणकारी योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,500 की वित्तीय सहायता दी जाती है। हालांकि, लाभार्थियों की सूची की बार-बार छंटनी और जांच के बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे लोग योजना का लाभ उठाते रहे जो इसके मानकों को पूरा नहीं करते थे। डेटा के अनुसार, 24 महीनों के दौरान कुल 46.1 करोड़ क्रेडिट एंट्री दर्ज की गई, जबकि पात्रता के हिसाब से यह आंकड़ा 39.758 करोड़ होना चाहिए था। इस तरह अतिरिक्त 6.403 करोड़ क्रेडिट एंट्री के जरिए 9,605 करोड़ रुपये गलत खातों में पहुंच गए।

किन कारणों से बाहर हुए अपात्र लोग?

राज्य स्तर पर की गई जांच और सत्यापन के बाद जिन प्रमुख कारणों से लाभार्थियों को सूची से बाहर किया गया, उनका विवरण इस प्रकार है-

  • e-KYC न होना: लगभग 62 लाख लाभार्थियों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने की वजह से हटाया गया।
  • तय सीमा से ज्यादा कमाई: 16 लाख लोग इसलिए बाहर हुए क्योंकि उनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से ज्यादा थी।
  • सरकारी नौकरी: 4.50 लाख सरकारी कर्मचारियों ने भी इस योजना का लाभ लिया।
  • अन्य योजनाओं का लाभ: 3.60 लाख लोग संजय गांधी निराधार अनुदान योजना के तहत पहले से लाभ प्राप्त कर रहे थे।
  • एक घर से एक से ज्यादा आवेदन: 2.50 लाख मामलों में एक ही परिवार के कई सदस्यों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
  • उम्र सीमा का उल्लंघन: 1.80 लाख लाभार्थियों की उम्र निर्धारित 65 वर्ष की अधिकतम सीमा से अधिक थी।
  • जिला स्तरीय छंटनी: जिला प्रशासन द्वारा किए गए सत्यापन में 1.70 लाख अन्य अपात्र पाए गए।

क्या सरकार वापस लेगी यह पैसा?

इस मामले में सबसे राहत की बात आम जनता के लिए है। राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, सरकार सभी अपात्र लाभार्थियों से पैसे की वसूली नहीं करेगी। प्रशासनिक निर्णय के तहत केवल उन 4.50 लाख सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से ही राशि वापस ली जाएगी, जिन्होंने इस योजना का अनुचित लाभ उठाया था। इसके लिए संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालयों को वसूली रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आम जनता से जुड़े अन्य अपात्र लाभार्थियों से वसूली न करने का फैसला लिया गया है।

Updated on:
22 Aug 2026 01:14 pm
Published on:
22 Aug 2026 01:14 pm